जामिया मिलिया पुलिस हिंसा की नक्सलियों ने भी की निंदा

ओडिशा के कंधमाल के जंगलों में बैनर पोस्टर लगाए

भुवनेश्वर। नागरिकता संशोधन अधिनियम, 2019 का देश भर में विरोध जारी है। इस अधिनियम के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस कार्रवाई का कई संगठनों ने विरोध किया है। देश ही नहीं विदेश कई विवि के छात्रों ने जामिया मिलिया विश्वविद्यालय के छात्रों को समर्थन दिया है और पुलिस कार्रवाई की कड़ी निंदा की है। इन सबके बीच ओडिशा के कंधमाल के जंगलों में काबिज नक्सलियों ने भी पुलिस की कार्रवाई की निंदा की है।

नागरिकता संशोधन अधिनियम, 2019 के विरोध में उतरे जामिया मिलिया विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों के साथ पुलिस द्वारा हिंसा की ओडिशा में नकस्लियों ने कड़ी निन्दा की है। कंधमाल जिले के कोटगढ़ मुनिगुड़ा एनएच-5 पर जुड़ाबाली ग्राम पंचायत अंतर्गत गेटाबाली चौक के पास ईमली के पेड़ पर बुधवार को माओ बैनर व पोस्टर लगा हुआ पाया गया। इस पोस्टर पर जामिया मिलिया विश्वविद्यालय के छात्रों पर दिल्ली पुलिस द्वारा हुए हमले की निन्दा की गई है। बैनर देखकर इलाके में डर का माहौल है। खबर लिखे जाने तक कोटगढ़ पुलिस घटनास्थल पर नहीं पहुंची थी।

गौरतलब है कि मंगलवार को नागरिकता संशोधन अधिनियम के खिलाफ ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर में मुस्लिमों ने प्रदर्शन किया था। यहां महत्वपूर्ण बात यह थी कि भद्रक के मुस्लिम प्रतिनिधिमंडल ने लोक सेवा भवन में मुख्यमंत्री नवीन पटनायक से मुलाकात करने के तीन दिन बाद मुस्लिम समुदाय के सैकड़ों लोगों ने रैली निकाली थी।

मुख्यमंत्री नवीन पटनायक से मिलने के बाद, भद्रक के मुस्लिम जमात के अध्यक्ष अब्दुल बारी ने कहा कि मुख्यमंत्री ने हमें आश्वासन दिया है कि राज्य के मुस्लिम समुदाय को राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर या संशोधित नागरिक अधिनियम से घबराने की कोई जरूरत नहीं है। उन्होंने दावा किया कि बीजद एनआरसी का समर्थन नहीं करेगा। जबकि इस आश्वासन का न तो आधिकारिक तौर पर पुष्टि की गई और न ही इसका खंडन किया गया।