NEET मामलें में नया मोड़, दूसरे राउंड की काउंसलिंग की मिली इजाजत

NEET परीक्षा में बॉम्बे हाईकोर्ट की नागपुर बेंच के आदेश पर लगाई रोक

नई दिल्ली / रायपुर। NEET की परीक्षा मामलें में सुप्रीप कोर्ट ने आज एक अहम कदम उठाया है। सुप्रीम कोर्ट ने मुंबई हाईकोर्ट के ओबीसी काउंसलिंग पर रोक लगाने वाले फैसले पर केंद्र सरकार को स्टे दिया है। नीट के ख़िलाफ़ मुंबई हाईकोर्ट की नागपुर बेंच ने आदेश दिया कि OBC कोटा को लेकर काउंसलिंग पर रोक लगाने का आदेश ज़ारी कर दिया था। काउंसलिंग को लेकर बॉम्बे हाई कोर्ट की नागपुर बेंच में दो याचिकाएं लगाई गई थीं। सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल राज्य सरकार की 85 फीसदी सीटों में ही OBC कोटे की उपलब्धता को बरकरार रखा है। वहीं केंद्रीय कोटा में OBC आरक्षण नहीं मिलेगा।

NEET Result 2018

इस संबंध में केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर बॉम्बे हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती दी थी और कहा था कि केंद्रीय कोटे में काउंसलिंग में OBC को किसी तरह के आरक्षण का प्रावधान नहीं है। इसके तहत सिर्फ SC/ST को ही आरक्षण दिया जा सकता है। ग़ौरतलब है कि अब तक NEET के तहत मेडिकल कॉलेजों में राज्य सरकारों के पास 85 फीसदी सीटें होती हैं जिनमें नो OBC को आरक्षण दे सकती हैं जबकि सभी कॉलजों मे 15 फीसदी सीटें केंद्रीय कोटा केंद्र सरकार के पास होता है।

ग्रेस मार्क्‍स देने पर भी लगाई थी रोक
20 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट ने तमिल भाषा में नीट (Neet 2018) की परीक्षा देने वाले स्‍टूडेंट्स को 196 नंबर के ग्रेस मार्क्‍स देने के मद्रास हाईकोर्ट की मदुरै बेंच के आदेश पर रोक लगाई थी। कोर्ट ने सुनवाई के दौरान साफ किया कि हाईकोर्ट इस तरह ग्रेस अंक नहीं दे सकता क्‍योंकि इससे दूसरे स्‍टूडेंट्स को नुकसान होगा। न्यायमूर्ति एस ए बोबडे और न्यायमूर्ति एल नागेश्वर राव की पीठ ने CBSE की याचिका पर हाईकोर्ट के आदेश पर रोक लगाने के साथ ही नोटिस जारी किया था।

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