अब कमलनाथ सरकार बनाएगी श्रीलंका में सीता मंदिर, मंत्री रवाना

शिवराज ने 2010 में की थी घोषणा, जुबानी जंग शुरू

भोपाल। श्रीलंका के दिवूरमपोला में सीता मंदिर बनाने की बात सामने आ रही है। बता दें कि मध्य प्रदेश में सत्तारूढ़ कांग्रेस एवं मुख्य विपक्षी दल भाजपा के नेताओं में इसको बनाने के लिए जुबानी जंग शुरू हो गई है। श्रीलंका में सीता मंदिर बनाने का मुद्दा एक दिन पहले मध्य प्रदेश के धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व मंत्री पी सी शर्मा ने उठाया था।

मंत्री शर्मा को श्रीलंका से एक कार्यक्रम में शामिल होने का बुलावा आया है। श्रीलंका की महाबोधी संस्था द्वारा उन्हें कार्यक्रम में बुलाया गया है। मंत्री शर्मा इस कार्यक्रम में शिरकत करेंगे। उनके साथ धर्मस्व विभाग के एसीएस मनोज श्रीवास्तव भी रहेंगे। वह अशोक वाटिका भी जाएंगे और सीता मंदिर को लेकर चर्चा भी करेंगे। मंत्री शर्मा और एसीएस आज वहां के लिए रवाना होंगे और 10 जनवरी को लौटेंगे। इस दौरे पर वह महाबोधी संस्था के साथ सांची बुद्ध विवि के बारे में भी चर्चा करेंगे। दरअसल, दिवूरमपोला में बौद्ध मठ परिसर में सीता मंदिर का निर्माण होना है।

वर्ष 2010 में पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान ने श्रीलंका में मंदिर निर्माण को लेकर ऐलान किया था। वर्ष 2018 तक सत्ता में रहने के बाद भी भाजपा सरकार ने निर्माण के लिए ठोस कदम नहीं उठाए।

अब कांग्रेस इस मौके का फायदा उठाना चाहती है और मंदिर निर्माण की चर्चा कर भाजपा को बैकफुट पर लाना चाहती है। चौहान ने मंदिर निर्माण के लिए एक करोड़ रुपये देने का ऐलान भी किया था। लेकिन उन्होंने यह रकम नहीं दी।

वर्ष 2012 में जब शिवराज सिंह चौहान मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री थे, तब श्रीलंका के तत्कालीन राष्ट्रपति महिंदा राजपक्षे मध्यप्रदेश के सांची में बौद्ध यूनिर्विसटी की आधारशिला रखने आए थे। इस दौरान चौहान ने राजपक्षे से चर्चा कर श्रीलंका में सीता मंदिर बनाने का प्रस्ताव रखा था। बता दें कि यह मंदिर श्रीलंका के दिवूरमपोला में हैं, जहां पर पौराणिक मान्यताओं के अनुसार सीता ने अग्नि परीक्षा दी थी, वहां पर मंदिर बनना था।

शिवराज ने कहा था कि हमने बौद्ध मठ से सीता मंदिर बनाने के लिए कुछ जमीन मांगी थी और वे इसे देने के लिए राजी भी हो गए थे। यह सीता माता का मंदिर बौद्ध मठ एवं वर्तमान में वहां मौजूद सीता चबूतरे के पास वाली जमीन पर बनना था।

तत्कालीन भाजपा सरकार ने घोषणा की थी कि श्रीलंका इसके लिए अनुमति देगा और बैंगलोर की एक फर्म ने मंदिर का डिजाइन तैयार किया था। मंदिर के निर्माण के लिए 15 करोड़ रुपये की आवश्यकता होगी। इस बारे में मंत्री पीसी शर्मा ने कहा कि वह अशोक वाटिका का दौरा करेंगे और मंदिर निर्माण की संभावना भी तलाशेंगे। उन्होंने पूर्व सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि पूर्व सरकार ने सिर्फ ऐलान किए और वोट बैंक के लिए हिंदुत्व का इस्तेमाल किया।

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