एक नारी ही दूसरी नारी का दर्द समझती है…

हिमाचल में एक कॉल पर हल हो रहीं महिलाओं की समस्याएं

शिमला पुरुष प्रधान समाज में महिलाओं का दर्द अगर कोई सुनता या समझता है तो वह भी एक महिला ही होती है। इसकी मिसाल हिमाचल प्रदेश के एक सब-डिवीजन में देखा गया है जहां महिलाओं से जुड़े मुद्दों को सुनने और उनका निवारण करने वाली महिलाएं ही हैं।

लॉकडाउन के बीच महिलाओं की समस्याओं को सुलझाने के लिए अनूठी पहल की गई, जिसमें व्यक्तिगत से लेकर स्वास्थ्य तक की समस्या हल हो सकती है।

सरकार की ओर से बताया गया है कि जिला प्रशासन की पहल पर पालमपुर के लोगों के लिए एक महिला हेल्पलाइन – महिला सुविधा केंद्र की स्थापना की गई है और यह शिकायतों के निवारण के लिए प्रभावी साबित हुई है।

इसकी विशिष्टता यह है कि यह महिलाओं की समस्याओं पर केंद्रित है और इसे केवल महिलाओं द्वारा मैनेज किया जा रहा है। हेल्पलाइन ने सार्थक परिणाम दिए हैं और यह महिलाओं में जागरूकता फैलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

हेल्पलाइन नंबर 76499-86000 के जरिए इससे संपर्क किया जा सकता है।

नायब तहसीलदार किरण चौहान और उनकी टीम की सदस्य शिवानी और दीपिका जो नेताजी सुभाष नर्सिग कॉलेज से हैं, वे सिर्फ एक फोन कॉल पर सहायता और समाधान प्रदान कर रही हैं।

इस हेल्पलाइन की एक और विशेषता यह है कि कॉल प्राप्त होने के 24 घंटों के भीतर ही जरूरतमंद महिलाओं की मदद करने के लिए सामान, दवा आदि की आपूर्ति की व्यवस्था भी की जा रही है।

सरकार ने एक बयान में कहा कि इससे महिलाओं को न केवल घर बैठे सुविधा मिल गई है, बल्कि इस हेल्पलाइन ने उनका विश्वास भी बढ़ाया है।

स्वास्थ्य संबंधी मुद्दों के लिए भी कॉल आते हैं।

हेल्पलाइन से पुन्नार निवासी दीपिका, धती से कनिका, टांडा से दीपिका बुटेल, कुराल से कौशल्या, गोपालपुर से संकल्पना देवी और मल्लाहू की पूजा देवी जैसी दर्जनों महिलाओं को फायदा हुआ है।

सब-डिविजनल ऑफिसर (सिविल), पालमपुर ने कहा कि लोग लॉकडाउन के कारण घर के अंदर रह रहे हैं। इनमें बड़ी संख्या में अकेली रहने वाली बुजुर्ग महिलाएं भी शामिल हैं।

उन्होंने कहा कि पालमपुर में समाज के अन्य वर्गों के लिए दूसरी हेल्पलाइन भी शुरू की गई है, लेकिन महिलाओं के लिए हेल्पलाइन के सार्थक परिणाम सामने आए हैं।

(आईएएनएस)