ट्रंप को पद से हटाने के लिए एकजुट हुए पेलोसी, शूमर, रिपब्लिकन कांग्रेसी

अरुल लुईस  ,न्यूयॉर्क | हालिया विद्रोह से उबरते हुए अमेरिका के दो सबसे उच्च श्रेणी के डेमोक्रेट और एक रिपब्लिकन कांग्रेसी ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को पद से हटाने के लिए उपराष्ट्रपति माइक पेंस से कार्रवाई करने की मांग की है।

स्पीकर नैन्सी पेलोसी और सीनेट डेमोक्रेटिक पार्टी के नेता चक शूमर ने गुरुवार को कहा कि वह अपने पद पर बने रहने के लिए बचे हुए 13 दिनों में देश के लिए खतरा पैदा कर सकते हैं और मंत्रिमंडल को संविधान में आह्वान करते हुए उन्हें राष्ट्रपति के रूप में कार्य करने के लिए अयोग्य घोषित करते हुए उन्हें बाहर कर देना चाहिए।

प्रतिनिधि सभा के एक रिपब्लिकन सदस्य एडम किंजिंगर ने भी ट्रंप को पद से हटाने का आह्वान किया।

पेलोसी ने धमकी देते हुए कहा कि अगर पेंस और कैबिनेट ने उन्हें संविधान के 25वें संशोधन के तहत नहीं हटाया तो वह ट्रंप के खिलाफ महाभियोग की कार्यवाही शुरू करेंगे।

पेलोसी ने कहा, “अगर उपराष्ट्रपति और मंत्रिमंडल कार्रवाई नहीं करते हैं, तो कांग्रेस महाभियोग के साथ आगे बढ़ने के लिए तैयारी करेगी।”

दोनों दलों के कई नेताओं ने बुधवार को वाशिंगटन डीसी के कैपिटल हिल पर विद्रोह करने वाले समर्थकों के लिए ट्रंप को दोषी ठहराया।

शूमर ने कहा कि अगर वह राष्ट्रपति नहीं होते तो हमला नहीं होता।
Pelosi, Schumer, Republican Congressman join calls to oust Trump from office
किंजिंगर ने कहा कि ट्रंप ने “विद्रोह को भड़काया और उसमें घी डालने का काम किया।”

वाशिंगटन में कैपिटल बिल्डिंग पर अपने समर्थकों के हमले के बाद ट्रंप अपने रिपब्लिकन पार्टी के भीतर अलग-थलग होते जा रहे हैं। विद्रोह से पहले ट्रंप ने समर्थकों की एक रैली को संबोधित किया था और उन्हें कांग्रेस में जाने के लिए उकसाया था, जहां चयनित राष्ट्रपति के रूप में जो बाइडन और चयनित उपराष्ट्रपति के तौर पर कमला हैरिस का नाम घोषित किया जाने वाला था।

ट्रांसपोर्टेशन सचिव एलेन चाओ ने यह कहते हुए मंत्रिमंडल से इस्तीफा दे दिया कि “कांग्रेस पर हमले ने मुझे काफी परेशान कर दिया है, जिससे मैं खुद को अलग नहीं कर पा रही हूं।”

वह सीनेट में रिपब्लिकन पार्टी की नेता मिच मैककोनेल की पत्नी हैं, जिन्होंने ट्रंप के साथ नाता तोड़ लिया और कहा कि बाइडन के चुनाव पर लगातार सवाल उठाते रहने से लोकतंत्र मौत के मुंह में जा सकता है।

उन्होंने और पेंस ने बाइडेन के चुनाव को पूर्ववत करने के लिए ट्रंप के अनुरोधों पर तब ध्यान देने से इनकार कर दिया, जब कांग्रेस ने बुधवार को बाइडेन को राष्ट्रपति बनाने के लिए इलेक्टोरल वोटों की पुष्टि करने के लिए अंतिम कदम उठाया।

उप राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार मैट पोटिंगर, स्टेफनी ग्रिशम, ट्रंप के पूर्व प्रवक्ता, जो फस्र्ट लेडी मेलानिया ट्रंप के मुख्य कर्मचारी हैं, राष्ट्रपति के उप प्रेस सचिव सारा मैथ्यूज और व्हाइट हाउस के सोशल सेक्रेटरी एन्ना क्रिस्टीना निसेटा ने भी इस्तीफा दे दिया है।

ट्रंप पर बढ़ते दबाव पर उन्होंने गुरुवार को कहा कि 20 जनवरी को जब बाइडेन और हैरिस संविधान के तहत पद ग्रहण करेंगे तब आदेश के आधार पर ट्रांजिशन होगा।

एक ओर जहां ट्रंप द्वारा दंगे की निंदा नहीं करने को लेकर आलोचना की गई थी, वहीं उनके प्रेस सचिव कायले मैकएन्नेनी ने गुरुवार को कहा, “मुझे स्पष्ट करने दें कि हमने कल अपने देश की राजधानी में जो हिंसा देखी, वह भयावह, निंदनीय और विरोधात्मक थी। हम, राष्ट्रपति और प्रशासन इसकी कड़ी शब्दों में निंदा करते हैं।”

संविधान के 25वें संशोधन के तहत, उपराष्ट्रपति और बहुमत के साथ कैबिनेट स्पीकर और सीनेट, स्पीकर और राष्ट्रपति समर्थक टीम को लिख सकते हैं कि राष्ट्रपति “अपने कार्यालय की शक्तियों और कर्तव्यों का निर्वहन करने में असमर्थ हैं” और उन्हें उनके पद से हटाया जाए।

हालांकि इस संशोधन के माध्यम से राष्ट्रपति को अयोग्य घोषित नहीं किया जा सकता है, लेकिन इसके जरिए राष्ट्रपति के मानसिक स्वास्थ्य के आधार पर ऐसा किया जा सकता है।

पेंस द्वारा की जाने वाली कार्रवाई और कैबिनेट के बहुमत से इस पर तत्काल प्रभाव पड़ेगा, जबकि महाभियोग के माध्यम से उन्हें हटाने के लिए लिए सदन से गुजरना होगा और फिर सीनेट स्तर पर जाना होगा।

शूमर ने कहा कि ट्रंप के राष्ट्रपति बने रहने के बचे हुए 13 दिन लोकतंत्र के लिए खतरा है।

न्यूयॉर्क में एक संवाददाता सम्मेलन में उन्होंने कहा, “इस राष्ट्रपति को पद से हटाने का सबसे तेज और प्रभावी तरीका संविधान का 25 वां संशोधन है।”

पेलोसी ने कहा, “हम इस बात की समीक्षा करेंगे कि 25वें संशोधन के संदर्भ में हमारे विकल्प क्या हैं।”

ट्रंप पर 2019 में सदन द्वारा महाभियोग लगाया गया था, लेकिन रिपब्लिकन नियंत्रित सीनेट ने उन्हें दोषी नहीं ठहराया।

वहीं आखिरी बार अमेरिका को ऐसी परिस्थिति का सामना तब करना पड़ा था, जब 1974 में रिचर्ड निक्सन को महाभियोग का सामना करना पड़ा था और उन्हें इस्तीफा देना पड़ा था।

–आईएएनएस