पीएल पुनिया ने राज्यसभा में कैरोसिन का मुद्दा उठाने लिखा पत्र

पीएल पुनिया ने कैरोसिन की कटौती वापस लेने की रखी मांग

नई दिल्ली। पीएल पुनिया ने राज्यसभा में छत्तीसगढ़ में केरोसिन आबंटन को लेकर 18 जुलाई को शून्यकाल में मुदा उठाने सेक्रेटरी जनरल को पत्र लिखा है। पुनिया ने इस पत्र में लिखा है कि वे छत्तीसगढ़ में केरोसिन आबंटन के मामलें को सदन के सामने लाना चाहते है। पुनिया ने अपने पत्र में लिखा है कि उज्जवला योजना के क्रियान्वयन के बाद राज्यों को पीडीएस के अंतर्गत दी जाने वाली केरोसिन के आवंटन में बड़ी कटौती की गई है। केंद्र सरकार ने उज्जवला योजना के लाभार्थियों को पीडीएस केरोसिन हेतु अपात्र कर दिया है। और छत्तीसगढ़ में वार्षिक केरोसिन आबंटन 2015-16 के केरोसिन आवंटन 1.72 लाख किलोलीटर से घटाकर साल 2018-19 में 1.15 लाख किलो लीटर कर दिया है।
पुनिया ने आगे लिखा कि छत्तीसगढ़ में गरीबी रेखा से नीचे आने वाले परिवारों के लिए घरेलू एलपीजी कनेक्शन होने के बाद भी केरोसिन की जरूरत होती है। क्योंकि छत्तीसगढ़ के आदिवासी क्षेत्र में केरोसिन का इस्तेमाल आज भी किया जाता है। वहीं प्रदेश के 146 विकासखंडों में से 85 अनुसूचित विकासखंड है। दूसरे सिलेंडर के लिए गरीबों को एकमुश्त राशि 773 देना इन विकासखंडों में संभव नहीं हो पाता।

नहीं मिल पाता है सिलेंडर
पुनिया ने आबादी के मुताबिक़ सिलेंडर नहीं मिलने जा जिक्र भी इस ख़त में किया है। उन्होंने लिखा है कि छत्तीसगढ़ राज्य का भौगोलिक क्षेत्रफल 1.35 लाख वर्ग किलोमीटर है। जहां एलपीजी सिलेंडर के डिस्ट्रीब्यूटरों की संख्या आनुपातिक रूप से भी बहुत कम है। लिहाजा दूरदराज इलाकों में घर-घर जाकर एलपीजी सिलेंडर नहीं दिए जा रहे है। इस बाबत भी राज्य सरकार ने 26 मार्च 2019 को पेट्रोलियम एवं नेचुरल गैस मंत्री और 29 जून 2019 को माननीय प्रधानमंत्री को इस समस्या से अवगत कराया था। जिस पर अब तक कोई संज्ञान नहीं लिया गया है।

वापस ली जाए कैरोसिन की कटौती
पुनिया ने अपने पत्राचार के अंतिम भाग में लिखा है कि मेरा यह निवेदन है कि छत्तीसगढ़ राज्य के लिए केरोसिन आवंटन की जो कटौती हुई है, उसे वापस लेकर प्रति वर्ष 1.58 किलोमीटर केरोसिन का आवंटन किया जाए। जिससे प्रदेश की गरीब एवं जरूरतमंद आबादी को पीडीएस के माध्यम से मुहैया कराई जा सके।