PM Modi Live : पर्यावरण संरक्षण के लिए भगवान श्रीकृष्ण है प्रेरणा स्रोत

मथुरा में पीएम मोदी ने शुरू किया पशु आरोग्य मेले

मथुरा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मथुरा के वेटरनरी विश्वविद्यालय में आयोजित पशु आरोग्य मेले का शुभारंभ किया। इसके साथ ही उन्होंने मथुरा से पशुओं में होने वाली अलग-अलग बीमारियों के टीकाकरण कार्यक्रम का भी आगाज़ किया। PM मोदी ने इस मौके पर देश भर के लिए 40 मोबाइल पशु चिकित्सा वाहनों को झंडी दिखाकर रवाना किया। इस दौरान पीएम मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि नए जनादेश के बाद कान्हा की नगरी में पहली बार आने का सौभाग्य प्राप्त हुआ है। इस बार भी पूरे उत्तर प्रदेश का पूरा आशीर्वाद मुझे और मेरे साथियों को प्राप्त हुआ है। देशहित में आपके इस निर्णय के लिए में ब्रजभूमि से आपके सामने शीश झुकाता हूं। मोदी ने कहा कि आप सभी के आदेश के अनुरूप बीते 100 दिन में हमने अभूतपूर्व काम करके दिखाया है।

            मुझे विश्वास है कि देश के विकास के लिए आपका ये समर्थन और आशीर्वाद हमें मिलता रहेगा। उन्होंने कहा कि ब्रजभूमि ने हमेशा से ही पूरे विश्व और पूरी मानवता को प्रेरित किया है। आज पूरा विश्व पर्यावरण संरक्षण के लिए रोल मॉडल ढूंढ रहा है। लेकिन भारत के पास भगवान श्रीकृष्ण जैसा प्रेरणा स्रोत हमेशा से रहा है, जिनकी कल्पना ही पर्यावरण प्रेम के बिना अधूरी है। मोदी ने कहा कि स्वच्छ भारत हो, जल जीवन मिशन हो या फिर कृषि और पशुपालन को प्रोत्साहन। प्रकृति और आर्थिक विकास में संतुलन बनाकर ही हम सशक्त और नए भारत के निर्माण की तरफ आगे बढ़ रहे है। पीएम मोदी ने कहा कि आज स्वच्छता ही सेवा अभियान की शुरुआत हुई है, नेशनल एनीमल डिजीज कंट्रोल प्रोग्राम को भी लॉन्च किया गया है। पशुओं के स्वास्थ्य, पोषण, डेरी उद्योग और कुछ अन्य परियोजनाएं भी शुरु हुई हैं। इसके अलावा मथुरा के इंफ्रास्ट्रक्चर और पर्यटन से जुड़े कई परियोजनाओं शुभारंभ भी हुआ है।

2 अक्टूबर तक करें प्लास्टिक मुक्त
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि महात्मा गाँधी 150 ये प्रेरणा का वर्ष है। स्वच्छता ही सेवा के पीछे भी यही भावना छुपी हुई है। आज से शुरू हो रहे इस अभियान को इस बार विशेष तौर पर प्लास्टिक के कचरे से मुक्ति के लिए समर्पित किया गया है। उन्होंने कहा कि प्लास्टिक से होने वाली समस्या समय के साथ गंभीर होती जा रही है। आप ब्रजवासी तो अच्छी तरह जानते है कैसे प्लास्टिक पशुओं की मौत का कारण बन रही है। इसी तरह नदियां, तालाबों में रहने वाले प्राणियों का वहां की मछलियों का प्लास्टिक को निगलने के बाद जिन्दा बचना मुश्किल हो जाता है। अब सिंगल यूज प्लास्टिक से हमें छुटकारा पाना ही होगा। हमें कोशिश करनी है कि 2 अक्टूबर तक अपने दफ्तरों, घरों और अपने आस पास के वातावरण को सिंगल यूज प्लास्टिक से मुक्त करना है।