लाल किले की प्राचीर से बोले पीएम मोदी “एक भारत श्रेष्ठ भारत के और भी फैसले”

लाल किले में छठी दफे पीएम नरेंद्र मोदी ने किया ध्वजारोहण

नई दिल्ली। लाल किले की प्राचीर से देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने छठी दफा ध्वजारोहण किया है। उन्होंने देश को सम्बोधित करते हुए कहा कि एक भारत श्रेष्ठ भारत के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। और इसके लिए आगे जो भी कोई फैसले लेने होंगे वो हम लेंगे। उन्होंने अपने भाषण की शुरुवात में कहा “मेरे प्यारे देशवासियों, स्वतंत्रता दिवस के इस पवित्र दिवस पर सभी देशवासियों को अनेक-अनेक शुभकामनाएं।” आज जब देश आजादी का पर्व मना रहा है उसी समय देश के अनेक भागों में अति वर्षा, बाढ़ के कारण लोग कठिनाइयों से जूझ रहे हैं।

               कई लोगों ने अपने स्वजन खोये हैं, मैं उनके परिवारों के प्रति संवेदना प्रकट करता हूं। देश आजाद होने के बाद से इतने वर्षों में देश की शांति और सुरक्षा के लिए अनेक लोगों ने अपना योगदान दिया है। आज मैं उन सबको भी नमन करता हूं। पीएम ने कहा कि आज जब हम आजादी का पर्व को मना रहे हैं तब देश की आजादी के लिए अपना जीवन देने वाले, जवानी जेल में काटने वाले, फांसी के फंदे को चूम लेने वाले, सत्याग्रह के माध्यम से आजादी के स्वर भरने वाले, सभी बलिदानियों, त्यागी-तपस्वियों को मैं नमन करता हूं।

धारा 370 का किया जिक्र
मोदी ने लाल किले से कहा कि अभी इस सरकार को 10 हफ्ते भी नहीं हुए हैं, लेकिन इस छोटे से कार्यकाल में भी सभी क्षेत्रों और दिशाओं में हर प्रकार के प्रयासों को बल दिया गया है और नए आयाम दिए गए है। 10 हफ्ते के भीतर अनुच्छेद 370, 35(A) का हटना, सरदार पटेल के सपनों को साकार करने की दिशा में अहम कदम है।

सपनो को साकार करने का कालखंड
पीएम मोदी ने कहा कि अगर 2014 से 2019 आवश्यकताओं की पूरी का दौर था, तो 2019 के बाद का कालखंड देशवासियों की आकांक्षाओं की पूर्ति का कालखंड है, उनके सपनों को साकार करने का कालखंड है। 2019 में 5 साल के बाद प्रत्येक देशवासी के दिल और दिमाग में सिर्फ और सिर्फ देश रहा। हम ‘सबका साथ, सबका विकास’ का मंत्र लेकर हम चले थे लेकिन 5 साल में ही देशवासियों ने ‘सबका विश्वास’ के रंग से पूरे माहौल को रंग दिया।

पूरा देश लड़ा चुनाव
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि इस चुनाव में मैंने देखा था और उस समय कहा भी था कि इस चुनाव में ना कोई नेता, ना मोदी और न कोई मोदी का साथी चुनाव लड़ रहा है। बल्कि 130 करोड़ देशवासी अपने सपनों के लिए चुनाव लड़ रहे थे।