PM On Fani : प्रभावित राज्यों को 1 हज़ार करोड़ की मदद

पीएम मोदी ने प्रभावित राज्यों को किया हर संभव मदद करने का ऐलान

राजस्थान / हिंडौन। देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी फोनी तूफान से प्रभावित लोगो के लिए साथ खड़े रहने की बात कहीं है।राजस्थान के हिंडौन जिले में चुनावी सभाओं को संबोधित करते हुए कहा कि आज जब हम सब यहां एकत्रित हुए हैं तो उस समय देश के पूर्वी और दक्षिणी तट पर रहने वाले लाखों परिवार भीषण चक्रवात का सामना कर रहे हैं। ओडिशा, पश्चिम बंगाल, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु और पुदुच्चेरी की सरकारों के साथ केंद्र सरकार लगातार संपर्क में है। मोदी ने कहा कि कल ही हम इस चक्रवात से जूझ रहे राज्यों के लिए 1000 करोड़ रुपये से ज्यादा की राशि जारी कर चुके हैं। NDRF, कोस्टगार्ड, भारतीय नौसेना और थल सेना पूरी मुस्तैदी के साथ प्रशासन के साथ जुटी हुई हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
चुनावी सभा संबोधित करते हुए पीएम ने आगे कहा कि पांच वर्ष पहले पूरे देश ने, राजस्थान ने एक भरोसे के साथ अपने इस सेवक को देश के लिए काम करने का अवसर दिया था। राष्ट्रवाद से ओत-प्रोत इस माटी के एक-एक जन ने सभी की सभी सीटें भाजपा को दी थीं, ये सोचकर कि भारत की धाक दुनिया में हो। उन्होंने कहा कि आज पूरी दुनिया में भारत का डंका बज रहा है। दो दिन पहले ही भारत के बहुत बड़े दुश्मन मसूद अजहर को दुनिया की सबसे बड़ी संस्था ने अंतरराष्ट्रीय आतंकी घोषित किया है। पाकिस्तान में बैठा आतंकियों का ये आका कई बरसों से भारत को घाव पर घाव दे रहा था। पीएम मोदी ने कहा कि सर्जिकल स्ट्राइक, एयर स्ट्राइक के बाद पाकिस्तान और आतंकवादियों के मंसूबों पर ये तीसरी बड़ी स्ट्राइक हुई है। अब आप बताइए पाकिस्तान की हेकड़ी निकली है या नहीं?

कांग्रेस और आतंकी पर मोदी का निशाना
पीएम मोदी ने राजस्थान के हिंडौन जिले में कांग्रेस और आतंकवाद पर भी ज़बरदस्त हमला बोला है। मोदी ने कहा कि आतंक और आतंकियों से निपटने के कांग्रेसी तरीके और भाजपा के तरीके की तुलना नहीं हो सकती। याद करिए, कांग्रेस कहती थी कि ‘हर एक आतंकी हमले को रोकना मुमकिन नहीं है। पीएम ने कहा कि जब केंद्र में कांग्रेस की सरकार थी, तो आतंकी हमले रोजाना की बात थे। कोई भी शहर कांग्रेस के कार्यकाल में सुरक्षित नहीं था। 2008 में मुंबई में आतंकवादियों ने हमला किया। अगर सिर्फ 2008 की ही बात करे तो, वो न तो पहला आतंकी हमला था और न ही आखिरी।