भीमा मंडावी : इंटेलिजेंस और पुलिस ने भीमा मांडवी को जाने से किया था मना…

दंतेवाड़ा के श्याम गिरी इलाके में नक्सलियों ने की घटना

रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के अनुसूचित जनजाति मोर्चा के राष्ट्रीय मंत्री और दंतेवाड़ा से विधायक चुने गए भीमा मंडावी की नक्सली हमले में मौत हो गई है। नक्सलियों ने बस्तर में लोकसभा चुनाव के होने वाले मतदान से ठीक पहले यह खूनी खेल खेला है।

माओवादियों द्वारा विधायक भीमा मंडावी के काफिले पर आईडी ब्लास्ट कर हमला किया गया। जिससे मंडावी के काफिले की पायलटिंग गाड़ी के परखच्चे उड़ गए। वहीं मंडावी की गाड़ी पूरी तरीके से क्षतिग्रस्त हो गई। बताया जा रहा है कि ब्लास्ट के तुरंत बाद ही विधायक मंडावी और उनके गाड़ी के ड्राइवर की मौके पर ही मौत हो गई थी। इसके अलावा मंडावी की सुरक्षा में तैनात 3 जवानों के भी हमले में शहीद होने की खबर है। इस पूरे मामले की पुष्टि आईजी इंटेलिजेंस भी सुंदरराज ने की है। आईजी इंटेलिजेंस से मिली जानकारी के मुताबिक विधायक भीमा मंडावी अपना चुनावी प्रचार कर लौट रहे थे।

                                मांडवी अपनी बुलेट प्रूफ गाड़ी में ही सवार थे, इसके साथ ही उनके काफिले में दूसरी सुरक्षाबलों की गाड़ियां भी लगी थी। मंडावी का काफिला जैसे ही दंतेवाड़ा के श्याम गिरी इलाके में पहुंचा, वैसे ही घात लगाए नक्सलियों ने आईडी ब्लास्ट से उनके काफिले को उड़ा दिया। जिसमें उनके कारकेट की पहली गाड़ी पूरी तरीके से क्षतिग्रस्त हो गई और मांडवी की गाड़ी भी जबरदस्त धमाके के साथ गाड़ी पलट गई। गाडी पलटने के बाद मंडावी मौके पर ही मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलने के बाद दंतेवाड़ा एसपी अभिषेक पल्लव आनन फानन में मौके पर रवाना हुए।

भीमा को जाने से किया था मना
दंतेवाड़ा के एसपी अभिषेक पल्लव ने बताया, ‘भाजपा विधायक भीमा मांडवी को पुलिस ने उस इलाके में नहीं जाने की सलाह दी थी। हमले के बाद दोनों तरफ से लगातार आधे घंटे तक फायरिंग चली थी। यहां पांच और सुरक्षाकर्मी भी एक कार में सवार थे जो भाजपा विधायक की कार के पीछे चल रही थी। हम उनकी तलाश कर रहे हैं।’