Zomato से ऑर्डर कैंसल करने वालों अमित को पुलिस का नोटिस

धार्मिक सद्भावना को ठेस पहुंचाने के लिए जारी किया है नोटिस

जबलपुर। मध्य प्रदेश पुलिस ने एक ऐसे व्यक्ति को नोटिस भेजा है। जिसने अपना खाना फ़ूड ऑर्डरिंग ऐप ज़ोमैटो से रद्द कर दिया था। क्योंकि उसका ऑडर एक “गैर-हिंदू” डिलीवरी बॉय के हाथों सौंपा गया था और फिर उसने धार्मिक असहिष्णुता पर बहस छेड़ते हुए इसके बारे में ट्वीट किया था। जबलपुर के अमित शुक्ला को पुलिस ने चेतावनी दी है कि अगर वह इस तरह का कोई भी विवादित पोस्ट आगे करता है तो उसे जेल हो सकती है। गौरतलब है कि मंगलवार को, शुक्ला ने ज़ोमैटो पर दिए गए अपने खाने के ऑर्डर को रद्द करने के बारे में ट्वीट किया था क्योंकि डिलीवरी राइडर एक “गैर-हिंदू” था और वह धार्मिक कारणों से उससे खाना नहीं ले सकता था।

                        पुलिस ने कहा कि उन्होंने शुक्ला को भी निगरानी में रखा है क्योंकि उन्होंने संवैधानिक प्रावधानों का उल्लंघन किया है। जहां किसी भी तरह की अस्पृश्यता के लिए कोई जगह नहीं है और धार्मिक सद्भाव के खिलाफ काम करता है। इधर सोशल मीडिया पर वायरल हुए शुक्ला के ट्वीट ने देश में धार्मिक असहिष्णुता को लेकर बहस छेड़ दी है। शुक्ला ने जोमाटो के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की धमकी भी दी थी। इसके जवाब में ज़ोमैटो ने ट्विटर पर कहा कि भोजन का कोई धर्म नहीं है। यह एक धर्म है। ज़ोमैटो के संस्थापक दीपेंदर गोयल ने भी ट्वीट किया कि “हमें भारत के विचार और अपने सम्मानित ग्राहकों और भागीदारों की विविधता पर गर्व है। हमारे मूल्यों के रास्ते में आने वाले किसी भी व्यवसाय को खोने के लिए हमें खेद नहीं है।”