महाराष्ट्र पर सियासी सस्पेंस, शरद को समझने सौ बार जन्म लेना पड़ेगा-राउत

मोहम्मद गोरी की तरह छुरा घोंपा-सामना

नई दिल्ली। महाराष्ट्र में सरकार गठन में पड़ा पेंच सुलझ नहीं रहा है। इसके साथ ही राजनीति दिलचस्प होती जा रही है। कयासों का दौर जारी है, और बयानों का भी। सोनिया गांधी से मुलाकात के बाद शरद पवार ने कहा कि उनके पास सरकार बनाने के लिए बहुत समय है, अभी किसी और के साथ सरकार बनाने की चर्चा नहीं हुई है। जहां शिवसेना के राज्यसभा सांसद संजय राउत कहा कि राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के अध्यक्ष शरद पवार क्या कहते हैं, इसे समझने के लिए 100 बार जन्म लेना पड़ेगा।

                 एक पत्रकार ने उनसे शिवसेना, कांग्रेस और राकांपा द्वारा महाराष्ट्र में सरकार गठन को लेकर पवार के लगभग ‘यू-टर्न’ लेने पर सवाल पूछा, जिसके जवाब में उन्होंने यह प्रतिक्रिया दी। वहीं शिवसेना ने अपने मुखपत्र सामना (Saamna) के जरिए एक बार फिर से भाजपा पर हमला बोला है। भाजपा की तुलना मोहम्म्द गौरी से करते हुए लिखा है- हमने वही गलती की है, जो पृथ्वीराज चौहान ने मोहम्मद गौरी को 17 बार हराने के बावजूद जिंदा छोड़कर की थी, उसी ने 18वीं बार पृथ्वीराज चौहान को जेल में डाल दिया था. हमें उन लोगों ने ही धोखा दिया है, जिनके साथ हम तब खड़े हुए थे, जब कोई खड़ा नहीं हो रहा था. महाराष्ट्र की पीठ में छुरा घोंपा गया है. एनडीए से बाहर निकाले जाने से पहले सेना को कोई कारण बताओ नोटिस तक नहीं दिया गया।

वहीं पत्रकारों से चर्चा करते राउत ने कहा, “आपको पवार और हमारे गठबंधन को लेकर चिंता करने की जरूरत नहीं है। बहुत जल्द, दिसंबर की शुरुआत में, एक शिवसेना नीत गठबंधन सरकार महाराष्ट्र में सत्ता में होगी। यह एक स्थिर सरकार होगी।” सरकार गठन को लेकर सेना को कोई संदेह नहीं है, लेकिन मीडिया इस पर संदेह पैदा कर रहा है। उन्होंने महाराष्ट्र के किसानों के मुद्दों पर राकांपा प्रमुख के साथ चर्चा की थी।
उन्होंने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा, “वह सेना थी, जिसने महाराष्ट्र में भाजपा को खड़ा किया, उसे सीट दी और हमेशा अपने साथ रखा और अब भाजपा ने संसद में शिवसेना के सांसदों के सीटिंग अरेंजमेंट को बदल दिया है और उन्हें इसकी कीमत चुकानी पड़ेगी।”राउत ने कहा, “क्या गलत है अगर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पवार की तारीफ कर दी? इससे पहले मोदी ने सार्वजनिक रूप से स्वीकार किया था कि पवार उनके राजनीतिक गुरु हैं। इसलिए इसमें कोई राजनीति न देखें।”