राष्ट्रपति कोविंद ने की 6 राज्यों के राज्यपालों की नियुक्ति

रायपुर के पूर्व सांसद रमेश बैस बने त्रिपुरा के राज्यपाल

नई दिल्ली | पीएमओ कार्यालय की अनुशंसा के बाद राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने 6 राज्यों के राज्यपाल कि नियुक्ति का आदेश दे दिया है। इसमे छत्तीसगढ़ से रमेश बैस का नाम शामिल है। जिसमें मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, नागालैंड, त्रिपुरा, बिहार और पश्चिम बंगाल के लिए राज्यपाल के नाम घोषित कर दिए गए हैं।

आनंदी बेन पटेल उत्तरप्रदेश और लालजी बनाये गए मध्यप्रदेश के राज्यपाल
मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ का कार्यभार देख रही राज्यपाल आनंदीबेन पटेल को मध्य प्रदेश से तबादलाकर उत्तर प्रदेश का राज्यपाल मनाया गया है । वही अब मध्य प्रदेश का कार्यभार लालजी टंडन बतौर राज्यपाल देखेंगे। साथ ही लगभग 1 साल से छत्तीसगढ़ में कार्यवाहक राज्यपाल के रूप में आनंदीबेन पटेल कार्यभार देख रही थी अब उनके जगह अनुसिया उइके के का नाम पहले ही राष्ट्रपति ने अनुमोदित कर दिया था।

सात बार के सांसद रमेश बैस को मिली त्रिपुरा के गवर्नर की जिम्मेदारी
वहीं छत्तीसगढ़ से भाजपा के कद्दावर नेता और रायपुर संसदीय सीट से भाजपा के 7 बार सांसद रहे रमेश बैस को त्रिपुरा राज्य की जिम्मेदारी सौंपी गई है। यानी अब रमेश बैस त्रिपुरा के नए राज्यपाल नियुक्त किए गए हैं।

वही बिहार में फागू चौहान को राज्यपाल बनाया गया है। पश्चिम बंगाल में जगदीप धनकड़ को गवर्नर का पद दिया गया है। इसके साथ ही नागालैंड के राज्यपाल के लिए आरएन रवि को नियुक्त किया गया है।

रमेश बैस के घर लगा बधाई देने वालों का ताँता
आपको बता दें कि छत्तीसगढ़ के दिक्कज भाजपा नेता रमेश बैस सबसे पहले 1999 में रायपुर से ही तात्कालिक मध्य प्रदेश के समय नौवीं लोकसभा के लिए सांसद चुने गए थे। जिसके बाद वे लगातार छह बार रायपुर के लोकसभा क्षेत्र से ही निर्वाचित होते आए थे। लेकिन 17 वी लोकसभा में उन्हें टिकट न देकर रायपुर क्षेत्र से सुनील सोनी को लोकसभा चुनाव के लिए टिकट दिया गया जिसमे सुनील सोनी भाजपा के सांसद रायपुर से निर्वाचित हुए। जिसके बाद से ही कयास लगाए जा रहे थे कि भाजपा के दिग्गज नेता रमेश बैस को किसी खास जिम्मेदारी देकर सुशोभित किया जाएगा। रमेश बैस को राज्यपाल नियुक्त किये जाने के बाद रायपुर स्थित उनके निवास पर रमेश बैस को बधाई देने का ताँता लग्न शुरू हो गया। सबसे पहले उनके परीजनों ने ही उन्हें मिठाई खिलकर बधाई दी। उसके बाद लगातार बधाई का सिलसिला अभी भी जारी है।