राष्ट्रपति ने किया “बंकर संग्रहालय” का उद्घाटन, ये है ख़ासियत…

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद सपत्नीक महाराष्ट्र दौरे पर पहुंचे

मुंबई। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने रविवार को मुंबई के राजभवन में भूमिगत “बंकर संग्रहालय”(Bunker Museum) का उद्घाटन किया। राज्य सरकार के एक अधिकारी ने कहा कि 15,000 वर्ग फुट के भूमिगत बंकर संग्रहालय में आभासी वास्तविकता बूथ हैं, जहां आने वाले लोग 19 वीं शताब्दी की झलक पाएंगे। उन्होंने कहा कि यहाँ 19 वीं सदी में दुश्मन जहाजों के पास तोपों को चलाने के लिए बंकर बनाया गया था। इसके आलावा एक अन्य खंड में राजभवन के इतिहास को दर्शाया गया है। अधिकारी ने कहा कि संग्रहालय को इस साल के अंत में एक ऑनलाइन बुकिंग सुविधा के साथ आम जनता के लिए खोला जाएगा।

महाराष्ट्र के राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने राष्ट्रपति कोविंद को म्यूज़ियम में रखी गई चीज़ों को दिखाया इसके साथ ही उन्हें राजभवन के इतिहास का एक शार्ट फिल्म भी दिखाई गई। इससे पहले उन्होंने राज्यपाल के कार्यालय-सह-आवासीय भवन, जल भूषण के प्रस्तावित पुनर्निर्माण के लिए आधारशिला रखी। जल भूषण का लगभग 200 वर्षों का इतिहास है, और वर्तमान इमारत में कई संशोधनों और जीर्णोद्धार हुए हैं। यह 1885 में ब्रिटिश गवर्नर्स का आधिकारिक निवास बन गया, जब “गवर्नमेंट हाउस” को परेल से मालाबार प्वाइंट में स्थानांतरित कर दिया गया था।

वर्धा स्तिथ बापू कुटिया भी गए कोविंद
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद शनिवार को महाराष्ट्र के वर्धा स्तिथि बापू कुटिया भी पहुंचे थे। जहाँ उन्होंने महात्मा गांधी से जुडी वस्तुओं को देखा। उन्हें यहाँ की तस्वीर को अपने ट्वीटर पर शेयर करते हुए लिखा “गांधी जी के वर्धा स्थित सेवाग्राम आश्रम आना मेरे लिए सम्‍मान का विषय है। इस वर्ष हम महात्‍मा गांधी की 150वीं जयन्‍ती मना रहे हैं। यह पावन स्‍थल, शान्‍ति, प्रेम, करुणा, दयालुता और न्‍याय के सार्वभौम जीवन-मूल्‍यों का सर्वश्रेष्‍ठ प्रतीक है”

“इस आश्रम की पवित्र धरती अनेक ऐतिहासिक घटनाओं की साक्षी बनी है जिनके बल पर हमें स्‍वतंत्रता प्राप्‍त हुई। जन-साधारण के उत्‍थान के लिए बापू ने शिक्षा, स्‍वास्‍थ्‍य और स्‍वच्‍छता से लेकर ग्राम विकास तक का जो सामाजिक-आर्थिक कार्यक्रम आरंभ किया था, वह इसी जगह सोचा-परखा गया था।”