पुलवामा हमला : मोदी-शाह ने दी श्रद्धांजलि, सीएम भूपेश ने उठाए सवाल

सैंड आर्टिस्ट सुदर्शन पट्टनायक ने भी दी श्रद्धांजलि

नई दिल्ली। आज से ठीक साल भर पहले जम्मू-कश्मीर में पुलवामा जिले में राष्ट्रीय राजमार्ग पर सुरक्षा कर्मियों को ले जा रहे वाहनों के काफिले पर हमला हुआ था। इस हमले के सालभर बाद आज देशभर में इस हमले में शहीद हुए जवानों को श्रद्धांजलि दी जा रही है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें श्रद्धांजलि दी है। मोदी ने अपने ट्वीटर पर श्रधंजलि देते हुए लिखा ” पिछले साल भीषण पुलवामा हमले में जान गंवाने वाले बहादुर शहीदों को श्रद्धांजलि। वे असाधारण व्यक्ति थे जिन्होंने हमारे राष्ट्र की सेवा और रक्षा के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया। भारत उनकी शहादत को कभी नहीं भूलेगा ”

देश के गृहमंत्री अमित शाह ने लिखा ” मैं पुलवामा हमले के शहीदों को श्रद्धांजलि देता हूं। भारत हमेशा हमारे बहादुरों और उनके परिवारों का आभारी रहेगा जिन्होंने हमारी मातृभूमि की संप्रभुता और अखंडता के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया।”

इधर कांग्रेस के नेता राहुल गांधी ने भी उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की है। राहुल ने हमले शहीद हुए जवानों के पार्थिव देह को गॉड ऑफ़ ऑनर देने से ठीक पहले की एक तस्वीर को शेयर करते हुए ट्वीट किया ” आज जब हम #PulwamaAttack में हमारे 40 CRPF के शहीद जवानों को याद करते है, और पूछते है…
1. हमले से सबसे ज्यादा किसे फायदा हुआ?
2. हमले में जांच का परिणाम क्या है?
3. बीजेपी सरकार में से किसने अभी तक हमले की अनुमति देने वाली सुरक्षा चूक के लिए जवाबदेह ठहराया है?

सूबे के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भी हमले में शहीदों को श्रद्धांजलि देकर केंद्र सरकार पर सवाल दागे है। भूपेश ने अपने ट्वीट में लिखा है कि ” आज ही के दिन गत वर्ष पुलवामा में शहीद हुए वीर जवानों की शहादत को कोटि-कोटि नमन करता हूँ। साथ ही लोकतंत्र का सिपाही होने के नाते पुनः सवालों को दोहराता हूँ-
1. 300 किलो RDX कहाँ से आया?
2. हमले की जाँच कहाँ तक पहुँची?
3. शहीदों के परिवारों को न्याय मिल गया? ”

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ख्याति प्राप्त सैंड आर्टिस्ट सुदर्शन पट्टनायक ने शुक्रवार को ओडिशा के पुरी बीच पर अपनी रेत कला के माध्यम से पुलवामा हमले के शहीदों को श्रद्धांजलि दी। पटनाइक ने ट्वीटर पर अपनी रेत कला की एक तस्वीर पोस्ट की और “जय हिंद” लिखा।

 

पुलवामा हमला
पुलवामा हमले में 40 सीआरपीएफ कर्मियों और हमलावर की मौत हुई थी। हमले की जिम्मेदारी पाकिस्तान स्थित आतंकवादी समूह जैश-ए-मोहम्मद ने ली थी। हमले के बारह दिन बाद, भारत वायु सेना (IAF) ने वापस आकर पाकिस्तान के बालाकोट में एलओसी के पार सबसे बड़े जेएम आतंकी ठिकाने पर सटीक हवाई हमले किए। जवाबी कार्रवाई में, पाकिस्तान ने भारतीय हवाई क्षेत्र में प्रवेश करने का प्रयास किया और डॉगफाइट में शामिल हो गया, जिसके कारण सेना के पायलट विंग कमांडर अभिनंदन वर्थमान को पकड़ लिया गया। हालांकि, बाद में उन्हें छोड़ दिया गया।