पेरियार पर रामदेव की कथित टिप्पणी, पतंजलि के बहिष्कार का ऐलान

सोशल मीडिया पर भड़के दलित-आदिवासी

नई दिल्ली। द्रविड़ नेता स्व. पेरियार पर बाबा रामदेव की कथित टिप्पणी से नाराज दलितों, आदिवासी संगठनों और दलित कार्यकर्ताओं ने सोशल मीडिया पर पंतजलि उत्पादों के बहिष्कार की अपील की है। सोशल मीडिया पर तेजी से #पतंजलिकाबहिष्कार ट्रेंड करने लगा है। इसके पहले सोशल मीडिया पर बाबा रामदेव ठग है ट्रेंड कर चुका है। लोगों ने बाबा रामदेव, आचार्य बालकृष्ण और पंतजलि के उत्पादों पर कई तरह के आरोप लगाते हुए अपनी भड़ास निकाली है।

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह के अरेष्ट रामदेव पर ट्वीट को रिट्वीट किया गया है, कि मैंने वर्ष 2011 में कहा था कि बाबा ठग है । क्या आपको नहीं लगता कि मैं लोगों को दूसरों से बेहतर पढ़ सकता हूं? मैंने कहा था कि मोदी देश के लिए एक आपदा होंगे। मुझे यकीन है कि मैं फिर से सही साबित हो जाऊंगा !!

प्रो. दिलीप सी मंडल ने ट्वीट किया है कि सावरकर ने माफी मांगी. अंग्रेजों ने माफ किया. रामदेव भी पेरियार और आंबेडकर से माफी मांगें. हम तो फिर भारत के लोग हैं. माफ कर देंगे. ठीक है ? रामदेव ने पेरियार को उत्तर भारत पहुंचा दिया. लोग खोज-खोज कर उनके बारे में पढ़ रहे हैं. आरएसएस माथा पीट रहा होगा। उन्होंने यह भी ट्वीट किया है कि BJP आईटी सेल वाले अब रामदेव मुद्दे से भाग रहे हैं. आज के बाद वे रामदेव के पक्ष में या पेरियार के खिलाफ कुछ ट्रैंड नहीं कराएंगे. उन्हें अब जाकर पता चला कि इस बहस में उनकी जीत हो ही नहीं सकते. वे गलती से हमारे मैदान में आ गए थे. अब उनको घसीटासन सिखा दीजिए. #पतंजलिकाबहिष्कार

एक यूजर ने लिखा है रामदेव को योग बाबा कहा जाता है, लेकिन वे एक व्यवसायी हैं जो बड़े व्यवसाय करते हैं उनके विभिन्न उत्पादों की गुणवत्ता नियंत्रण भी गंभीर संदेह में है। लेकिन वे इसे मैनेज करते हैं क्योंकि वे राजनीति भी करते हैं और सरकार के साथ मिलीभगत करते हैं।

एक यूजर हंसराज मीना ने लिखा है, प्रिय, बाबा सीधे शब्दों में फिर दोहरा देना चाहता हूँ, माफी हर हाल में माँगनी होगी। तब ही कुछ हम विचार कर सकते हैं।
ओसामा शेख लिखते हैं-बाबा रामदेव का देश हित में दो योगदान है 1- कभी भी इनकम टैक्स नहीं दिया 2-किसानों की जमीने सरकार द्वारा बाबा को मुफ्त में दी गई।

द टेलिग्राफ के मुताबिक, ऑल इंडिया अंबेडकर महासभा, ऑल इंडिया बैकवर्ड एंड माइनॉरिटी कम्युनिटीज एंप्लॉइज फेडरेशन और भीम आर्मी ने रामदेव के कथित बयान की आलोचना की है और उन्हें ‘मनु स्मृति’ को बढ़ावा देने वाला शख्स करार दिया है। वायरल वीडियो में रामदेव बाबा ने कथित तौर पर कहा, ‘राम से लेकर कृष्ण तक के वक्त में हम पर हमेशा शासन किया गया। लेकिन फिर दलित आए। मूल निवासियों को लेकर एक आंदोलन हुआ। वे कहते हैं कि वे मूल निवासी हैं जबकि बाकी बाहर से आए हैं। ये आदिवासी और मुस्लिम संगठन हैं।’

रामदेव बाबा ने आगे कथित तौर पर कहा, ‘पेरियार जो एक नास्तिक थे, उन्होंने ईश्वर के अनुयायियों को मूर्ख करार दिया और धर्म को जहर बताया। उनका संदेश फैल रहा है। वे हमारे संतों के चरित्र हनन कर रहे हैं। यह बौद्धिक आतंकवाद है। यह देश को बांट देगा।’