Rath Yatra 2019 : महाप्रभु की अनुमति से श्रीमंदिर पहुंचते है तीनों रथ

बलभद्र, सुभद्रा के साथ रथ पर सवार होकर निकलेंगे महाप्रभु जगन्नाथ

पुरी। रथ यात्रा शुरू होने से ठीक एक दिन पहले, पुरी में पवित्र त्रिमूर्ति के तीनों रथों पर ” आज्ञा माला बीजे (प्रस्थान) ” की रस्म आज अदा की गई। रथ यात्रा के महापर्व के लिए तीन रथों को तैयार करने के लिए “आज्ञा माला बीजे ” भगवान की दिव्य अनुमति की तरह है। इस अनुष्ठान के अनुसार मंदिर के पूजापंडा, सेवादारों ने तीन देवताओं की सहमति की तीन मालाएं निकालीं और उन्हें अपने-अपने रथों पर बिठाया, जिससे आधिकारिक तौर पर रथ को खींचने के लिए तैयारी संबंधी अनुष्ठानों के संचालन की अनुमति मिली। आज्ञा माला बीजे के बाद रथों को रथ खाला से निकाला गया और सिंहा द्वार के सामने लाया गया, जहां वे कल तक सज धज कर महाप्रभु के लिए तैयार किए जाएंगे।

इस दौरान धार्मिक उत्साह और भक्ति की भावना से सभी ने जय जगन्नाथ का जयघोष किया। रथों को सिंह द्वार तक लाने की परंपरा में सबसे पहले महाप्रभु जगन्नाथ के रथ नंदीघोष को लाया गया। उसके बाद देवी सुभद्रा की देवदलन और सबसे आखिर में भगवान बलभद्र के तालध्वज को लाखों भक्तों की उपस्थिति के बीच श्री मंदिर के सिंह द्वार की ओर लाया गया। दुर्गा प्रसाद दास महापात्र ने बताया कि सभी अनुष्ठान सुचारू रूप से चल रहे है, और निर्धारित संस्कार भी सेवादारों के बीच अच्छे समन्वय के साथ आयोजित किए जाएंगे।

मैप, मोबाइल एप से मिलेगी मदद
रथ यात्रा महोत्सव के दौरान लोगों की सहायता के लिए 47 स्थानों पर विशेष मानचित्र स्थापित किए गए हैं, जबकि 25 सूचना केंद्र स्थापित किए गए हैं। लोगों की मदद के लिए एक मोबाइल ऐप भी बनाया गया है। आईजी स्पेशल आर्म्ड पुलिस (SAP) अमिताभ ठाकुर द्वारा ट्रैफिक एंड क्राउड कंट्रोल ओवरसाइट के लिए 40 से अधिक प्लाटून तैनात किए गए हैं और 18 पार्किंग स्थल बनाए गए हैं।