RBI ने फिर घटाई रेपो दर, कम हो सकती है ब्याज़ दर

25 आधार अंक घटा कर 5.40 से 5.15 फीसदी पर आया रेपो दर

रायपुर। भारतीय रिजर्व बैंक ने शुक्रवार को रेपो दर को 25 आधार अंकों से घटा दिया है। जिसके बाद 5.40 से नीचे लाकर 5.15 प्रतिशत कर दिया है। देश के आर्थिक विकास को पुनर्जीवित करने के लिए RBI ने नीतिगत तौर पर ये फैसला किया है। रेपो दर वह दर है जिस पर केंद्रीय बैंक बैंकों को अल्पकालिक धनराशि उधार देता है। मौद्रिक नीति समिति के सभी छह सदस्यों ने गवर्नर शक्तिकांत दास की अध्यक्षता में रेपो दर को कम करने और मौजूदा नीति रुख को बनाए रखने के लिए एक साथ सहमति प्रदान की है। आज की इस कमी के साथ इस साल में अब तक 5 दफ़े रेपो दर में कमी की गई है।

                 इस कमी से लोन पर लगने वाले ब्याज में भी कमी आने की उम्मीद है। यह कटौती अर्थशास्त्रियों की उम्मीदों के अनुरूप थी। समाचार एजेंसी के मुताबिक अर्थशास्त्रियों के एक सर्वेक्षण में रायटर ने 25 आधार अंकों की दर में कटौती कर 5.15 प्रतिशत की भविष्यवाणी की थी। आरबीआई ने फरवरी के बाद से लगातार पांच द्विमासिक समीक्षाओं में प्रमुख ब्याज दर को 135 आधार अंकों या 1.35 प्रतिशत अंक तक घटा दिया है। केंद्रीय बैंक ने कहा कि निर्णय उपभोक्ता मुद्रास्फीति के 4 प्रतिशत के मध्यम अवधि के लक्ष्य के अनुरूप हैं।

RBI                भारतीय रिजर्व बैंक ने चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही के लिए अपने मुद्रास्फीति लक्ष्य को थोड़ा बढ़ाकर 3.4 प्रतिशत कर दिया, जबकि चालू वित्त वर्ष की दूसरी छमाही के लिए अनुमानों को 3.5 – 3.7 प्रतिशत और 2020-21 की पहली तिमाही के लिए 3.6 प्रतिशत को बरकरार रखा गया। आरबीआई ने चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही के लिए अपनी वृद्धि का अनुमान 6.1-5.3 प्रतिशत और चालू वित्त वर्ष की दूसरी छमाही के लिए 6.6-7.2 प्रतिशत घटाया।