सपा-बसपा, कांग्रेस का आतंक पर नरमी का रिकॉर्ड-मोदी

उत्तरप्रदेश के आंबेडकर नगर में बोले पीएम नरेंद्र मोदी

आंबेडकर नगर। पीएम नरेंद्र मोदी बुधवार को उत्तर प्रदेश में पांचवे चरण प्रचार के लिए मैराथन दौरा कर रहे है। लोकसभा का द्वार माने जाने वाले यूपी में देशभर के तमाम दिग्गज अपनी पार्टी की सरकार बनाने ज़द्दोज़हद कर रहे है। चुनावी सभाओं और रैलियों के ज़रिए जनता को अपने पक्ष में मतदान कराने हर संभव प्रयास किए जा रहे है। पीएम मोदी ने बुधवार को उत्तर प्रदेश के आंबेडकर नगर में अपनी चुनावी सभा की शुरुवात की।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी                        सभा को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि बाबा साहेब आम्बेडकर का नाम जिस शहर से जुड़ा हो, जिस शहर से राम मनोहर लोहिया जी का नाम जुड़ा हो। ऐसे शहर में आकर मैं खुद को गौरवान्वित महसूस कर रहा हूं। उन्होंने कहा कि ये मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु श्रीराम की भूमि है। ये स्वाभिमान की धरती है। देश में यही स्वाभिमान पिछले 5 साल में और बढ़ा है। हम 130 करोड़ लोगों की भुजाओं को साथ लेकर चले हैं। अब इन्ही भुजाओं की सामर्थ्य पर हम नए भारत का सपना साकार करने की तरफ बढ़ रहे हैं। मोदी कहा कि हमारे देश के 40 करोड़ से ज्यादा श्रमिक भाई-बहनों की इन पार्टियों ने कभी परवाह ही नहीं की। श्रमिकों और गरीबों को वोटबैंक में बांटकर इन लोगों ने सिर्फ अपना और अपने परिवार का फायदा कराया। पहली बार देश में किसी सरकार ने गरीबों और श्रमिकों के बारे में सोचा है। हमने उनकी परवाह की है, उनका जीवन आसान बनाने के लिए काम किया है। मोदी ने इस सभा में केंद्र की पेंशन योजना का भी जिक्र करते हुए कहा कि – हमारी सरकार हाल हीं में ‘पीएम श्रम योगी मानधन’ योजना लायी है। इससे श्रमिक साथियों को 60 वर्ष की आयु के बाद 3 हजार रुपए तक की पेंशन सुनिश्चित होगी। उन्होंने कहा कि मैंने हर गरीब के दर्द को समझा है, उसके दर्द को सुना है, उसकी बीमारी को समझा और उसकी जिंदगी को जाना है, इसलिए आयुष्मान भारत योजना से मैं गरीबों की बीमारी से लड़ रहा हूं।

महागठबन्धन पर साधा निशाना
पीएम मोदी ने कहा कि सपा-बसपा और कांग्रेस का आतंक पर नरमी का पुराना रिकॉर्ड रहा है। हमारी सुरक्षा एजेंसियां आतंक के मददगारों को पकड़ती थीं और ये वोट के लिए उनको छोड़ देते थे। आज ये सभी महामिलावटी फिर से केंद्र में एक मजबूर सरकार बनाने के चक्कर में हैं। मोदी ने कहा कि 2014 से पहले अयोध्या, फैजाबाद और अन्य जगह कैसे-कैसे धमाके हुए ये हम कैसे भूल सकते हैं।वो दिन हम कैसे भूल सकते हैं जब आए दिन भारत में हमला होता था। बीते पांच वर्ष में इस तरह के धमाकों की खबर आनी बंद हो गई हैं।