राहुल को राहत, राफेल खारिज, सबरीमाला बड़ी बेंच को

सुप्रीम कोर्ट के आज तीन बड़े फैसले

नई दिल्ली। आज सुप्रीम कोर्ट में आज तीन बड़े फैसलों पर सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है सुप्रीम कोर्ट ने राफेल विमान सौदे, सबरीमाला विवाद और पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के अवमानना मामले में फैसला सुनाया है। राहुल गांधी को जहां सुप्रीम कोर्ट ने चौकीदार चोर है वाले बयान पर माफ कर दिया है, वहीं राफेल पर पुनर्विचार याचिका को खारिज कर दिया है।साथ ही सबरीमाला पर फैसला सुनाए हुए कोर्ट ने इसे बड़ी बेंच को सौंप दिया है।

सुप्रीम कोर्ट ने राहुल गांधी को चौकीदार चोर है वाले बयान पर माफ कर दिया है। राहुल गांधी ने अपने इस बयान के लिए सुप्रीम कोर्ट में माफी मांगी थी। सुप्रीम कोर्ट ने बीजेपी सांसद मीनाक्षी लेखी द्वारा कांग्रेस नेता राहुल गांधी के खिलाफ गलत तरीके से अदालत में शिकायत करने के लिए दायर याचिका को खारिज कर दिया है, जिसमें राफेल मामले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ उनके ‘चौकीदार चोर है’ के नारे को गलत बताया। सुप्रीम कोर्ट ने राहुल गांधी को अदालत में अपनी टिप्पणी के लिए भविष्य में अधिक सावधान रहने के लिए कहा है।

राफेल मामला हुआ खारिज
सुप्रीम कोर्च मे राफेल मामले में पुनर्विचार याचिका को खारिज कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने 14 राफेल जेट के सौदे को बरकरार रखते हुए 14 दिसंबर, 2018 के फैसले के खिलाफ राफेल समीक्षा याचिकाओं को खारिज कर दिया है। 10 मई को सुप्रीम कोर्ट ने याचिकाओं पर फैसला सुरक्षित रख लिया था, जिसमें पूर्व केंद्रीय मंत्री यशवंत सिन्हा और अरुण शौरी सहित कार्यकर्ता-वकील प्रशांत भूषण शामिल थे,

जिन्होंने अपने निष्कर्षों की फिर से जांच करने की मांग की थी कि इसमें कोई शक की गुंजाइश न हो। 36 राफेल लड़ाकू जेट की खरीद में निर्णय लेने की प्रक्रिया। भारत के मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई, जस्टिस एसके कौल और केएम जोसेफ वाली पीठ ने याचिकाओं को खारिज करते हुए कहा “हमें एफआईआर (फर्स्ट इंफॉर्मेशन रिपोर्ट) या राफेल डील मामले की जांच का आदेश देना जरूरी नहीं लगता है। ” शीर्ष अदालत ने कहा, “हमें लगता है कि समीक्षा याचिकाएं बिना किसी योग्यता के हैं।”

सबरी माला बड़ी बैंच को सौपा
कोर्ट ने केरल के प्रसिद्ध सबरीमाला मंदिर में महिलाओं के प्रवेश को लेकर दायर पुनर्विचार याचिकाओं पर फैसला बड़ी बेंच को सौंप दिया है। कोर्ट इस बारे में गुरुवार को फैसला सुनाने वाला था लेकिन 5 जजों की बेंच ने कहा कि परंपराएं धर्म के सर्वमान्य नियमों के मुताबिक हों और आगे 7 जजों की बेंच इस बारे में अपना

             फैसला सुनाएगी.साफ है कि फिलहाल मंदिर में कोर्ट के पुराने फैसले के मुताबिक महिलाओं की एंट्री जारी रहेगी। सुप्रीम कोर्ट ने 28 सितंबर 2018 के फैसले को कायम रखे हुए सबरीमाला मंदिर में महिलाओं की एंट्री को जारी रखा है और इस पर स्टे देने से साफ इनकार कर दिया है।

अन्य समुदायों पर भी असर
इस मुद्दे पर जस्टिस आर.एफ. नरीमन और जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ की राय अलग थी. उनका मानना था कि सुप्रीम कोर्ट का फैसला मानने के लिए सभी बाध्य हैं और इसका कोई विकल्प नहीं है।. दो जजों की राय थी कि संवैधानिक मूल्यों के आधार पर फैसला दिया गया है और सरकार को इसके लिए उचित कदम उठाने चाहिए।. फैसला देते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि इस केस का असर सिर्फ इस मंदिर नहीं बल्कि मस्जिदों में महिलाओं के प्रवेश, अग्यारी में पारसी महिलाओं के प्रवेश पर भी पड़ेगा। अपने फैसले के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि परंपराएं धर्म के सर्वोच्च सर्वमान्य नियमों के मुताबिक होनी चाहिए। अब बड़ी बेंच में जाने के बाद मुस्लिम महिलाओं के दरगाह-मस्जिदों में प्रवेश पर भी सुनवाई की जाएगी और ऐसी सभी तरह की पाबंदियों को दायरे में रखकर समग्र रूप से फैसला लिया जाएगा।