भारतीय रिजर्व बैंक : 01 जनवरी से बदल जाएंगे बैंकिंग के ये क़ायदे-कानून

भारतीय रिजर्व बैंक ने कई नियमों में किए है बदलाव

नई दिल्ली / रायपुर। भारतीय रिजर्व बैंक ने साल 2019 की शुरुआत में ही कई बैंकिंग नियमों को बदलने का फैसला लिया है। हालांकि आरबीआई ने अपने इस फैसले से तकरीबन 3 महीने पहले ही सभी बैंकों को रूबरू करा दिया था। जिससे बैंकों के खाताधारकों को किसी प्रकार की कोई परेशानी या दिक्कत ना आए।

RBI

आरबीआई ने सबसे पहले मैग्नेटिक एटीएम को बंद कर चीप वाले एटीएम कार्ड ही एक्टिव रखने को सभी बैंक को से कहा था। इसके साथ ही भारतीय रिजर्व बैंक ने बैंकों से अपने ग्राहकों को दिए हुए चेक बुक के लिए भी नए नियम से मुखातिब कराने का था। जिसमें 1 जनवरी 2019 से बैंकों द्वारा नॉन सीटीएस चेक लेने पर पूरी तरह रोक लगाने आरबीआई ने निर्देशित किया है।

इसके साथ ही बैंकों से यह भी कहा है कि वे अपने सभी उपभोक्ताओं से पुराने चेक कलेक्ट कर उन्हें सीटीएस चेक दें।जिससे उनका लेनदेन प्रभावित ना हो पाए, दरअसल सीटीएस चेक से ट्रांजैक्शन जल्दी हो जाता है। चेक से किए गए भुगतान के लिए बार बार बैंकों के चक्कर काटने की भी जरूरत नहीं होती है। सीटीएस चेक से ना सिर्फ ग्राहक को फायदा होता है, बल्कि बैंकों को भी इंटरबैंक ट्रांजैक्शन में किसी प्रकार की कोई परेशानी नहीं होती है।

एक क्लीक में शिफ्ट होगा खाता
भारतीय रिजर्व बैंक ने सभी बैंकों को यह भी दिशा निर्देश दिए हैं कि वह ग्राहकों के खातों को एक शहर से दूसरे शहर ट्रांसफर करने के लिए ज्यादा वक्त ना लगाए। इसके लिए आरबीआई ने दस्तावेज को डिजिटल करते हुए ऑनलाइन ही खातों को एक शहर से दूसरे शहर में ट्रांसफर करने का निर्देश दिया है। जिससे महज एक क्लिक पर ही बैंकों के खाते एक शहर से दूसरे शहरों के उसी बैंक की ब्रांच में शिफ्ट हो जाएंगे।

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