CJI हुए “शरद अरविंद बोबड़े” राष्ट्रपति रामनाथ ने दिलाई शपथ

तकरीबन 17 महीने का होगा CJI बोबड़े का कार्यकाल

नई दिल्ली। न्यायमूर्ति शरद अरविंद बोबड़े ने आज नई दिल्ली में राष्ट्रपति भवन में एक समारोह में भारत के 47 वें मुख्य न्यायाधीश (CJI) के रूप में शपथ ली। न्यायमूर्ति एसए बोबडे को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह की उपस्थिति में राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद ने शपथ दिलाई। मुख्य न्यायाधीश बोबडे का कार्यकाल लगभग 17 महीने का होगा और 23 अप्रैल, 2021 को सेवानिवृत्त होगें। वह कई महत्वपूर्ण मामलों की न्यायालीन प्रक्रिया का हिस्सा रहे हैं, जिसमें पांच-न्यायाधीशों की संविधान पीठ ने कई ऐतिहासिक फैसले सुनाऐ है। बोबडे अयोध्या में विवादित स्थल पर राम मंदिर के निर्माण जैसे ऐतिहासिक फैसले में भी शामिल रहे है।

चीफ जस्टिस बोबडे भी तत्कालीन चीफ जस्टिस जेएस खेहर की अध्यक्षता वाली नौ जजों की बेंच का हिस्सा थे, जिसने अगस्त 2017 में सर्वसम्मति से फैसले में कहा कि निजता का अधिकार भारत में संवैधानिक रूप से संरक्षित मौलिक अधिकार था। उन्होंने एक पूर्व सदस्यीय स्टाफ द्वारा उनके खिलाफ यौन उत्पीड़न की शिकायत पर, अपने पूर्ववर्ती मुख्य न्यायाधीश गोगोई को क्लीन चिट देने वाले तीन-सदस्यीय पैनल की अध्यक्षता की थी। समिति में जस्टिस इंदिरा बनर्जी और इंदु मल्होत्रा ​​भी शामिल थीं। चीफ जस्टिस बोबडे महाराष्ट्र के वकीलों के परिवार से हैं; वह प्रख्यात वरिष्ठ अधिवक्ता अरविंद श्रीनिवास बोबड़े के पुत्र हैं। मुख्य न्यायाधीश बोबडे का कार्यकाल लगभग 17 महीने का होगा और 23 अप्रैल, 2021 को सेवानिवृत्त होगा। मुख्य न्यायाधीश बोबडे को वरिष्ठता के नियम के बाद चुना गया है और उनके नाम की सिफारिश न्यायमूर्ति गोगोई ने केंद्र को एक पत्र में की थी।