Single Use Plastic:प्लास्टिक के प्रयोग पर केंद्र सरकार का रवैया सख्त

12 चीजों पर बैन लगाने की तैयारी कर रही केंद्र सरकार

नई दिल्ली | सिंगल यूज प्लास्टिक को लेकर केन्द्र सरकार ने अपना रूख स्पष्ट कर दिया है। वर्ष 2022 तक सिंगल यूज प्लास्टिक को खत्म करने की सरकार ने योजना बना ली है।जिसके तहत अब छोटी प्लास्टिक बोतलों, थर्माकोल और सिगरेट के बट्स समेत 12 चीजों पर बैन लगाने की योजना बना रही है। केन्द्र मे उपभेक्ता मामलों के मंत्री राम विलास पासवान ने प्लास्टिक को भारत में चरणबद्ध तरीके से बैन किये जाने की बात कही। इधर पुरे देश में सिंगल यूज प्लास्टिक से फ्री होने की पहल का पहला चरण प्रधानमंत्री मोदी महात्मा गांधी के 150वी जंयती 2 अक्टूबर शुरू करेंगे।

सरकार ने बनाई प्लास्टिक बैन की लिस्ट
केन्द्र सरकार ने एक लिस्ट तैयार की है जिसमें ऐसे प्लसस्टिक सामानों को नष्ट करने का प्लान बनाया जा रहा है। साथ ही इस लिस्ट को सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड को दिया गया है ताकि बोर्ड द्वारा भी इसकी जांच कर नश्ट करने की पहल की जाए। अब हम बताते है कि नश्ट किए जाने वाले प्लास्टिक की सूची में किसे शामिल किया गया है।
ऐसे कैरी बैग जो 50 माइक्रोन से कम का हो, छोटी रैपिंग या पैकिंग की फिल्म, कटलरी, फोम वाले कप प्याले, कटोरे और प्लेट, लेमिनेट किये गये बाउल और प्लेट, छोटे प्लास्टिक कप और कंटेनर जो 150 एमएल और 5 ग्राम से कम हो, प्लास्टिक स्टिक और इयर बड्स, गुब्बारे, झंडे और कैंडी, सिगरेट के बट्स, फैलाया हुआ पौलिस्ट्रिन, पेय पदार्थों के लिए छोटे प्लास्टिक पैकेट जो 200 एमएल से कम हो और सड़क के किनारे लगाए जाने वाले पोस्टर बैनर जो 100 माइक्रोन से कम हो उसे शामिल किया गया है।

एनजीटी का कड़ा रूख
एनजीटी यानी राष्ट्रीय हरित अधिकरण की कार्रवाई के बाद पुरे देश में प्लास्टिक को बंद करने की मुहिम तेज हुई है। एनजीटी का मानना है कि प्लास्टिक के कारण देश में प्रदुशण की मात्रा काफी बढ़ गई है। जिसका सीधा असर मनुष्य के जीवन षैली पर भी पड़ा है। प्लास्टिक से सबसे ज्यादा केंसर का खतरा बताया जाता है। यही कारण है कि अब एनजीटी ने राज्य सरकारों पर भी प्लास्टिक को पुरी तरह से प्रतिबंध करने का दबाव दिया है। ताकि देश के पर्यावरण को संरक्षित कर आम लोगों के जीवन को बचाया जा सके।

प्लास्टिक बैन से रोजगार पर पड़ेगा असर
केन्द्र सरकार के सिंगल यूज प्लास्टिक पर बैन से कई लोगों के रोजगार पर इसका बूरा असर पड़ेगा। इस फरमान से कई लोगों को अपनी नौकरियों से भी हाथ धोना पड़ सकता है। लेकिन सरकार इससे पहले ही प्लास्टिक के नए विकल्पों से नयी नौकरियों के लिए रास्ता खोलने विचार कर रही है। ताकि देश मे बेराजगारी का ग्राफ न बढ़े। सरकार ने प्लासिटक कारोबारियों से भी नए विकल्प को लेकर सुझाव आमंत्रित किए है ताकि नई पहल पर सरकार विचार कर सके।