Space Cargo Unlimited : अंतरिक्ष में भी पहुंच गई शराब

कंपनी ने बनाई 6 मिशन की योजना

नई दिल्ली | शराब की संतुलित मात्रा सेहत के लिए अच्छा माना जाता है और ज्यादा गटकना खराब। इसे देखते हुए देश के कई राज्यें में रोक लगा दी गई है तो कहीं रोक लगाने की कवायद जारी है। तो कहीं सरकारी ठेके पर मिल रही है। अलबत्ता शराब किसी भी काल में हो लुभाती रही है। सुर हों या असुर, मानव हों या दानव सभी इसके प्रेमी रहे हैं। हालाकि हर काल में इसे अलग-अलग नामों से जाना जाता रहा है। विज्ञान के इस युग में शराब की तो कई किस्में विकसित कर ली गई हैं और इसे और मादक-रोचक बनाने के लिए तमाम तरह के उपाय किए जा रहे हैं। लाखों करोड़ों में एक मय का प्याला परोसने की खबर तक मिलती रही है। अब खबर यह है कि शराब की बोतलें अंतरिक्ष में भेजी गई हैं। चौंकिए नहीं यह वहां रहने वाले अंतरिक्ष यात्रियों के लिए नहीं हैं।दरअसल एक कंपनी जानना चाह रही है कि अंतरिक्ष में साल भर गुजारने के बाद ये शराब कैसी लगेगी। शोधकर्ता ये देखना चाहते हैं कि वहां भारहीनता और विकिरण का पेय पदार्थों की उम्र ढलने की प्रक्रिया पर क्या असर होता है। इस रिसर्च का मकसद खानपान उद्योग के लिए नए स्वाद और खूबियों का विकास करना है।

शनिवार यानी 2 नवंबर को वर्जीनिया से नॉर्थरोप ग्रुमेन के स्पेस कैप्सूल से इन बोतलों को अंतरिक्ष स्टेशन के लिए रवाना कि या गया था. जो सोमवार यानी 4 नवंबर को अंतरिक्ष स्टेशन पहुंची। हर बोतल को धातु की कैन में पैक किया गया था ताकि इन्हें टूटफूट से बचाया जा सके. इस प्रयोग में जर्मनी के बवेरिया और फ्रांस के बोग्दू की यूनिवर्सिटियां हिस्सा ले रही हैं और ये प्रयोग लग्जेमबर्ग की स्टार्टअप कंपनी स्पेस कार्गो अनलिमिटेड के सहयोग से किया जा रहा है। . कंपनी के वीडियो में एरलांगेन न्यूरेमबर्ग यूनिवर्सिटी के मिषाएल लेबर्ट ने यह जानकारी दी। वह इस प्रयोग के वैज्ञानिक निदेशक हैं।

अगले तीन सालों में कंपनी ने इस तरह के छह मिशनों की योजना बनाई है. कंपनी का दावा है कि बदलती दुनिया के लिहाज से इनमें भविष्य की कृषि के बारे में कई अहम जानकारी मिलेगी. स्पेस कार्गो अनलिमिटेड के संस्थापक निकोलस गाउमे का कहना है, “यह पूरे जीवन में एक बार मिलने वाला रोमांच है.”
अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा इस तरह और ज्यादा कारोबारी मौकों के लिए अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन को खोल रही है जिसके बाद निजी अंतरिक्ष मिशनों की बारी आएगी.। बोतलों को अंतरिक्ष लेकर जाने वाला सिगनस कैप्सूल और भी कई कारोबारी सामानों को अपने साथ ले कर गया है। इसी कैप्सूल में चिप कुकीज को बेक करने वाला ऑवन और कार्बन फाइबर के नमूने भी भेजे गए हैं।

ज्ञात हो कि 2015 में जापान की व्हिस्की और अल्कोहल वाले दूसरे पेय बनाने वाली एक कंपनी ने भी कुछ नमूने भेजे थे। यहां स्कॉच भी भेजा जा चुका है। वाईन भी यहां पहली बार नहीं आई है। इससे पहले 1985 में डिस्कवरी शटल में एक फ्रेंच अंतरिक्ष यात्री अपने साथ एक वाईन की बोतल लेकर गया था, हालांकि यह बोतल वहां खोली नहीं जा सकी और यह अंतरिक्ष का चक्कर लगा कर वापस आ गई।