पटरी पर दौड़ी देश की पहली प्राइवेट ट्रेन “तेजस एक्सप्रेस” ये है सुविधाएं

लखनऊ-दिल्ली तेजस एक्सप्रेस को योगी आदित्यनाथ ने दिखाई हरी झड़ी

लखनऊ। लखनऊ-दिल्ली रूट पर तेजस एक्सप्रेस को आज उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में हरी झंडी दिखाई है। देश में पहली कॉर्पोरेट ट्रेन के यात्रियों को बधाई देते हुए आदित्यनाथ ने कहा, “मैं इसमें यात्रा करने वाले यात्रियों के पहले जत्थे को बधाई देता हूं और आशा करता हूं कि अन्य शहरों को भी जोड़ने के लिए इस तरह की पहल की जाएगी। साथ ही योगी ने उनकी यात्रा के सुखद अनुभव की भी कामना की है।

                लखनऊ से दिल्ली स्टेशनों के बीच यात्रा करने में तेजस एक्सप्रेस को तकरीबन 6 घंटे का समय लगेगा। इस ट्रेन की यात्रा का समय शताब्दी एक्सप्रेस से भी कम है। वर्तमान में इस रूट पर सबसे तेज ट्रेन तेजस ही है। यह मंगलवार को छोड़कर सप्ताह में छह दिन चलेगा।


गौरतलब है कि तेजस एक्सप्रेस भारतीय रेलवे द्वारा संचालित भारत की पहली निजी ट्रेन है। यह वातानुकूलित चेयर कारों की शताब्दी एक्सप्रेस श्रेणी का अधिक प्रीमियम संस्करण है। दिल्ली-लखनऊ रूट पर जाने वाली ट्रेन दो स्टेशनों- कानपुर और गाजियाबाद में रुकेगी। तेजस एक्सप्रेस दोपहर 3.35 बजे दिल्ली से रवाना होगी और रात 10.05 बजे लखनऊ पहुंचेगी। यह ट्रेन लखनऊ से सुबह 6.10 बजे शुरू होगी और दोपहर 12.25 बजे दिल्ली पहुंचेगी।

ये है तेजस एक्सप्रेस की खासियत
तेजस एक्सप्रेस में एक एक्जीक्यूटिव क्लास एसी चेयर कार और नौ एसी चेयर कार कोच हैं। ट्रेन की कुल वहन क्षमता 758 यात्रियों की है। दिल्ली-लखनऊ तेजस एक्सप्रेस से यात्रा करने वाले सभी यात्रियों को 25 लाख रुपए तक का मुफ्त बीमा दिया जाएगा। दिल्ली-लखनऊ तेजस एक्सप्रेस में यात्रा करने वाले यात्रियों को नई दिल्ली रेलवे स्टेशन के कार्यकारी लाउंज और लखनऊ जंक्शन स्टेशन के रिटायरिंग रूम तक पहुंच प्राप्त होगी। ऑन-बोर्ड भोजन के अलावा, तेजस एक्सप्रेस में चाय और कॉफी मशीन भी उपलब्ध हैं। ट्रेन में आरओ मशीनें लगाई गई हैं और यात्री इन मशीनों के माध्यम से पानी के लिए कॉल कर सकते हैं। देरी के मामले में लखनऊ-दिल्ली तेजस एक्सप्रेस के यात्रियों को मुआवजा दिया जाएगा।