धारा 370 के केंद्र के फैसले की समीक्षा करेगा सुप्रीम कोर्ट

सुको में पांच जजों की संवैधानिक पीठ करेगी समीक्षा

श्रीनगर। सुप्रीम कोर्ट ने धारा 370 पर लगी याचिका पर सुनवाई शुरू कर दी है। धारा 370 के खिलाफ लगाए गए सभी याचिकाओं को पांच जजों की बेंच को सौप दिया है। जबकि जम्मू और कश्मीर के प्रमुख दलों में से एक नेशनल कॉन्फ्रेंस और अन्य ने व्यापक सरकारी कार्रवाई को अवैध और असंवैधानिक करार दिया है। एक समाचार पत्र के संपादक ने भी कोर्ट में इस बात की गुजारिश की है कि मीडिया पर लगे प्रतिबंध हटा दिए जाएं। हालाँकि इस मामलें में कोर्ट ने कहा कि इस महीने की शुरुआत में अनुच्छेद 370 के तहत जम्मू और कश्मीर के लिए विशेष दर्जे को रद्द करने के सरकार के कदम की संवैधानिक वैधता की समीक्षा की जाएगी। शीर्ष अदालत ने केंद्र से जवाब भी मांगा है।


कोर्ट में आज की सुनवाई के दौरान, वाम नेता सीताराम येचुरी और एक कश्मीरी छात्रा को कोर्ट ने कश्मीर जाने की अनुमति दी है। छात्रा अपने माता-पिता से मिलना चाहती हैं, जिसके लिए उसने सुप्रीम कोर्ट में अर्ज़ी लगाई थी जिस पर कोर्ट ने जम्मू कश्मीर जाने की अनुमति दी है। इधर मुख्य न्यायधीश रंजन गोगोई ने ‘सीमा पार प्रतिक्रिया’ होने की दलील को ठुकरा दिया है। इस पर उन्होंने कहा कि ‘हम इस मामले को पांच न्यायाधीशों की संविधान पीठ के पास भेज रहे है।

इन्होने लगाई है याचिका
अनुच्छेद 370 रद्द करने के फैसले के खिलाफ याचिका अधिवक्ता एमएल शर्मा ने दायर की है। जबकि नेशनल कांफ्रेंस सांसद मोहम्मद अकबर लोन और न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) हसनैन मसूदी ने जम्मू कश्मीर के संवैधानिक दर्जे में केंद्र द्वारा किये गए बदलावों को चुनौती दी है। पूर्व आईएएस अधिकारी शाह फैसल, जेएनयू की पूर्व छात्रा शेहला रशीद और राधा कुमार जैसे प्रख्यात हस्तियों सहित अन्य भी इसमें शामिल है।