करोड़ों का आसामी निकला यह जेबकतरा, नाम थानेदार

13 लाख रुपये नकद और 27 लाख रुपये के गहने जब्त

हैदराबाद। पेशे से जेबकतरा और शौक राजाओं वाले। ऐसा एक नवाब उत्तरप्रदेश के आलीगढ़ जिले का निवासी है। लेकिन वह घर छोड़ कर निजाम का शहर हैदराबाद में 30 हजार रुपये प्रति माह वाले किराये के मकान में रहता है। अपने दोनों बेटों को इंटरनेशनल स्कूल में दाखिला कराया है। ऐसे राजकीय शौकिन वाले पाकेटमार का का नाम थानेदार सिंह कुशभ है।

सोमवार को सिकंदराबाद रेलवे पुलिस ने ऐसे एक जेबकतरे के बारे में मीडिया को जानकारी दी। जीआरपी इंस्पेक्टर बी अनुराधा ने बताया कि यह चोर इससे पहले पुणे के यरवदा जेल में बंद था। उस वक्त मंबई हमले में फांसी की सजा सुनाए गये आतंकवादी कसाब भी जेल में था। पुलिस के मुताबिक, थानेदार 2004 से आदतन जेबकतरा है। उसका लक्ष्य दूर यात्रा करने वाले यात्री होते हैं। नकद राशि व सोने के गहनों की चोरी करने में थानेदार माहिर है।अब तक वह दो करोड़ रुपये के गहने व नकद की चोरी कर चुका है। वह कम से कम चार सौ मामलों में संलिप्त है।

सोमवार को पुलिस ने उसे गिरफ्तार करने के साथ उससे 13 लाख रुपये नकद और 27 लाख रुपये के गहने जब्त किये हैं। चोरी करने के अवावा शेयर बाजार, जुआ, किक्रेट बेटिंग में भी वह पैसे लगाता है। हैदराबाद के चंदन नगर इलाके में यह थानेदार 2016 से रह रहा है। उसने अपने दोनों बेटों को सालाना दो लाख रुपये देकर इंटरनेशनल स्कूल में पढ़ा रहा है। ट्रेन में सफर करने के बहाने से थानेदार अपना टिकट बनवाता था। सफर के दौरान यात्रियों के रुपये व गहनों पर अपना हाथ साफ कर देता था। एक बार में वह कम से कम 20 हजार रुपये की चोरी कर लेता था और इस तरह से वह हर महीने आठ ट्रेनों में सफल कर थानेदार चोरी करता था। वर्ष 2015 से वह पुलिस के हाथ नहीं लग रहा था। आखिरी बार उसे 2007 और 2011 में वनजारा हिल्स पुलिस ने गिरफ्तार किया था।

गौरतलब है कि सोमवार को थानेदार और उसका साथी अरुण सिकंदराबाद के पास एक फ्लाईओवर ब्रिज के नीचे दुपहिया वाहन खड़ी कर कहीं गये थे। पुलिस ने उसी गाड़ी पर नजर रखी थी। इतने में अरुंण और थानेदार अपने मोटरसाइकिल के पास जैसे पहुंचे, पुलिस ने उन्हें पकड़ने के लिए दौड़ाया। इस बीच अरुण भागने में कामयाब हो गया जबिक थानेदार पकड़ा गया। जब्त मोटरसाइिकल इस थानेदार की ही बतायी जा रही है।