Weather alert : महीने भर की देरी के साथ 10 अक्टूबर तक विदा होगा मानसून…

देशभर में दर्ज़ बारिश दीर्घ कालिक औसत 110 फीसद हुआ दर्ज

नई दिल्ली। उत्तर भारत समेत देशभर से अब मानसून रुख़्सत हो रहा है। हालाँकि इस वापसी में मानसून ने तकरीबन एक महीने का वक़्त ज़्यादा ले लिया है। महीने भर ज़्यादा और ज़मकर बसरे बादलों ने देश के कई राज्यों की सड़कों पर नव चलवाने के हालत बनाए। बाढ़ के प्रकोप ने जहाँ कई सूबों में जनजीवन अस्त व्यस्त कर दिया और वहीं कुछ राज्यों में इसकी मार विदाई के समय भी नज़र आई। भारी बारिश से इस साल उत्तर प्रदेश और बिहार जैसे राज्यों को भी बाढ़ जैसी आपदा का सामना करना पड़ा है। वहीं महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश, उत्तराखंड समेत की राज्यों में भी नदी नाले ज़बरदस्त उफान पर रहे।

बिहार सरकार के उप मुख्यमंत्री भी इस बाढ़ की चपेट में थे। कमोबेश यही हाल यूपी के प्रयागराज और बनारस का भी दिखाई दिया था। मौसम वैज्ञानिको के मुताबिक अब तक मानसून उत्तर भारत से भी लौट जाया करता था, लेकिन इस साल तक़रीबन महीने भर की देरी के बाद अब जा कर मानसून की वापसी शुरू हो पाई है। मौसम विभाग के मुताबिक करीब एक महीने की देरी के साथ मानसून 10 अक्टूबर से लौट सकता है।

अब तक नहीं हुई थी देर
भारतीय मौसम विभाग के मानसून के आंकड़ों पर अगर नज़र डाली जाए तो मानसून की वापसी अब तक कभी इतनी देरी नहीं दिखी थी। देशभर में जहां वर्षा का रिकार्ड भी इस साल सामान्य से ज़्यादा दर्ज़ किया गया है। IMD ने साल 2019 में वर्षा का दीर्घ कालिक औसत (LPA) 110 फीसद दर्ज किया है। एलपीए 1961 से 2010 के बीच 88 सेंटीमीटर था। विभाग ने एक पूर्वानुमान ज़ारी करते हुए कहा है कि राजस्थान में औसत समुद्र तल से करीब डेढ़ किमी ऊपर छह अक्टूबर के आस-पास हवा के उच्च दबाव का क्षेत्र बनने के कारण उत्तर पश्चिमी भारत से 10 अक्टूबर के करीब दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी शुरू होने की उम्मीद है।