अपनी ही पार्टी के कार्यकाल में बने कानून को चुनौती देते क्या कहा है छग सरकार ने

याचिका में कहा- राष्ट्रीय जांच एजेंसी कानून संविधान के अनुरूप नहीं

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट में एनआई को चुनौती देने वाली छत्तीसगढ़ देश की पहली राज्य सरकार है, जिसने अपनी ही पार्टी के नेतृत्व वाली यूपीए सरकार द्वारा बनाए गए राष्ट्रीय जांच एजेंसी कानून, 2008 यानी एनआईए एक्ट को असंवैधानिक घोषित करने का अनुरोध करते हुए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है। बता दें कि वर्ष 2008 में जब एनआई कानून बना, तब केंद्र में कांग्रेस की अगुवाई वाली सरकार थी और 26/11 हमले को इस कानून का आधार बनाया गया था।
छत्तीसगढ़ सरकार ने अनुच्छेद 131 के तहत दायर याचिका में कहा है कि राष्ट्रीय जांच एजेंसी कानून संविधान के अनुरूप नहीं है और यह संसद के विधायी अधिकार क्षेत्र से बाहर है क्योंकि यह कानून राज्य पुलिस द्वारा की जाने वाली जांच के लिए केंद्र एक जांच एजेंसी के सृजन का अधिकार देता है, जबकि यह संविधान की सातवीं अनुसूची के अंतर्गत राज्य का विषय है। बता दें कि इस कानून को कांग्रेस नीत यूपीए सरकार लेकर आई थी।

याचिका में कहा गया है कि मौजूदा स्वरूप में एनआईए कानून न सिर्फ पुलिस के माध्यम से जांच कराने का (राज्य) अधिकार छीनता है बल्कि यह केंद्र को ‘निरंकुश, स्वंय निर्णय लेने का मनमाना अधिकार’ देता है। याचिका में कहा गया है कि इन अधिकारों के इस्तेमाल के बारे में कोई नियम नहीं है, जिसकी वजह से केन्द्र को किसी भी समय कोई कारण बताए बगैर ही इसके अधिकारों के इस्तेमाल की छूट प्रदान करता है।

याचिका में कहा गया है कि एनआईए कानून के प्रावधानों में तालमेल के लिए अथवा केन्द्र द्वारा राज्य सरकार से किसी भी प्रकार की सहमति लेने के बारे में कोई व्यवस्था नहीं है जो निश्चित ही संविधान में प्रदत्त राज्य की सार्वभौमिकता के विचार के खिलाफ है। उल्लेखनीय है कि अनुच्छेद 131 के अंतर्गत केंद्र के साथ विवाद के मामले में राज्य सीधे उच्चतम न्यायालय में याचिका दायर कर सकता है।

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