तूफान “महा” और तूफान “बुलबुल” का छत्तीसगढ़ में अब तक असर नहीं

भारतीय उप-महाद्वीप का 7वां तूफान होगा तूफान "महा"

रायपुर|बंगाल की खाड़ी में एक नया चक्रवाती तूफान बनता हुआ दिखाई दे रहा है। यह इस साल का 7वां तूफान होगा। हालांकि मॉनसून के बाद बंगाल की खाड़ी में यहा पहला चक्रवात होगा। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार उत्तरी अंडमान सागर में एक निम्न दबाव का क्षेत्र विकसित हो गया है। उम्मीद है कि यह सिस्टम पश्चिमी और उत्तर-पश्चिमी दिशा में जाएगा। 5 या 6 नवंबर को यह बंगाल की खाड़ी के मध्य पूर्व पर डिप्रेशन बन सकता है।
इस समय बंगाल की खाड़ी और अंडमान सागर से जो संकेत मिल रहे उनके अनुसार यह सिस्टम पश्चिमी और उत्तर पश्चिमी दिशा में आगे बढ़ते हुए प्रभावी होता रहेगा। पहले डिप्रेशन, फिर डीप डिप्रेशन और उसके बाद चक्रवाती तूफान बन सकता है। समुद्र की सतह का तापमान 29 से 30 डिग्री के बीच है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार अगले 6 दिन यह सिस्टम खाड़ी में रहेगा। इतना समय इसके चक्रवाती तूफान बनने के लिए काफी है। यह भारत के पूर्वी तटों को प्रभावित करने वाला है। लेकिन इसके हिट करने की लोकेशन का अभी सटीक अंदाज़ा नहीं लगाया जा सकता है। हालांकि अधिक संभावना ओड़ीशा या उत्तरी आंध्र प्रदेश के तटीय भागों पर इसके लैंडफॉल के संकेत अभी मिल रहे हैं।

                                        तूफान “महा” जब 7 नवंबर को गुजरात पर हिट करेगा उस समय तटवर्ती जिलों देवभूमि द्वारका, पोरबंदर, जूनागढ़, गिर सोमनाथ, अमरेली और दमन व दीव में 100 किलोमीटर प्रतिघण्टे की गति से हवाएँ चलने और मध्यम से मध्यम बारिश होने की संभावना है। गुजरात में इसके प्रवेश करने के बाद भावनगर, बाटोड, नडियाड, भरूच, बड़ौदा, सूरत, नर्मदा, छोटा उदयपुर, गोधरा और दाहोद जैसे ज़िले भी इसके दायरे में आ सकते हैं। मध्य प्रदेश के बाद छत्तीसगढ़ के भी कुछ इलाके इस तूफान से प्रभावित हो सकते हैं

छत्तीसगढ़ में अलर्ट नहीं
गुजरात की ओर से आने वाले महत्वपूर्ण और बुलबुल तूफान को लेकर छत्तीसगढ़ के मौसम विभाग ने अब तक कोई अलर्ट जारी नहीं किया है। हालांकि प्रदेश के कई हिस्सों में बादल छाया हुआ है। राजधानी रायपुर के मौसम केंद्र से मौसम वैज्ञानिक एचपी चंद्रा ने कहा कि अभी तक छत्तीसगढ़ में तूफान “बुलबुल” या तूफान “महा” का कोई असर दिखाई नहीं दे रहा है। मौसम वैज्ञानिकों की मानें तो 9 या 10 नवंबर तक कि इसकी वास्तविकता का पता चल पाएगा। फिलहाल प्रदेश में मौसम शुष्क रहने की बात मौसम विभाग कह रहा है।

“बुलबुल” की संभावना
गुजरात तट से उठ रहे तूफान “महा” के बाद बुलबुल तूफान सक्रिय होने की संभावना जताई जा रही है। हिंद महासागर में तूफान का असर सबसे पहले दिखाई देगा। माना जा रहा है कि 8 से 9 नवंबर के बीच विशाखापट्टनम के समुद्री तट से यह तूफान टकरा सकता है। जिसका सबसे ज्यादा असर पड़ोसी जिलों में होगा। छत्तीसगढ़ में सबसे ज्यादा असर बस्तर संभाग में देखा जा सकता है। हालांकि मौसम विभाग ने अभी तक कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी है। केंद्रीय मौसम विज्ञान विभाग की नज़रें तूफान पर टिकी हुई है।