अटल विकास यात्रा : रेल मंत्री ने दी 10 हज़ार करोड़ की रेल परियोजनाओं की सौगात

अटल विकास यात्रा : कटघोरा-मुंगेली-कवर्धा-डोंगरगढ़ तक रेल लाईन के लिए हुआ अनुबंध

कोरबा / रायपुर। मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह और केंद्रीय रेल मंत्री पीयूष गोयल ने अटल विकास यात्रा के दौरान छत्तीसगढ़ को बड़ी सौगात दी है। सोमवार को कोरबा जिले के हरदीबाजार में आयोजित आमसभा में रेल मंत्री ने 9 हजार 952 करोड़ रूपये की 345.5 किलोमीटर लम्बी चार नई रेल लाईन का शिलान्यास किया। छत्तीसगढ़ में रेल नेटवर्क के विस्तार की दिशा में यह एक बड़ी सौगात है। आम सभा में कटघोरा-मुंगेली-कवर्धा से होकर डोंगरगढ़ तक 5950 करोड़ रूपए की लागत बनने वाली रेल लाइन के लिए एमओयू भी किया गया। इस दौरान केंद्र और राज्य शासन की विभिन्न जन हितैषी योजनाओं के तहत तीन हजार हितग्राहियों को सामग्री का वितरण भी किया गया।

सभा में ईस्ट-वेस्ट रेल कारीडोर परियोजना के तहत गेवरा रोड से पेंड्रा रोड तक चार हजार 970 करोड़ रूपये की लागत से 135.3 किलोमीटर नई रेल लाईन के लिए शिलान्यास किया गया। इस परियोजना के तहत नौ नये रेलवे स्टेशन बनाए जायेंगे। धरमजयगढ़ से कोरबा तक एक हजार 686 करोड़ रूपये की लागत की 63 किलोमीटर नई रेल लाईन का भी शिलान्यास हुआ। इस रेल लाईन पर 06 नये रेलवे स्टेशन बनेंगे। धरमजयगढ़ से कोरबा तक रेल लाईन का निर्माण ईस्ट रेल कारीडोर परियोजना के द्वितीय चरण के तहत होगा। खरसिया से धरमजयगढ़ तक 131 किलोमीटर नई रेल लाईन के लिए भी शिलान्यास अटल विकास यात्रा की आम सभा में किया गया। यह रेल लाईन ईस्ट रेल कारीडोर के प्रथम चरण का हिस्सा है और इसकी लागत तीन हजार 55 करोड़ रूपये है।


मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह और केंद्रीय रेल मंत्री पीयूष गोयल वीडिया कांफ्रेसिंग के जरिए के हरदीबाजार से ही कोरिया जिले के चिरमिरी- नागपुर रोड हाल्ट तक 17 किलोमीटर की नई रेल लाईन का भी शिलान्यास किया। इस योजना की अनुमानित लागत 241 करोड़ रूपये है। इस रेल लाईन के बन जाने से अंबिकापुर से बिलासपुर दुर्ग और अनूपपुर-जबलपुर रूट पर चलने वाली सभी रेलगाड़ियां सीधे चिरमिरी होकर गुजरेंगी।

नई रेल लाईन बिछाने अनुबंध

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह और केंद्रीय रेल मंत्री पीयूष गोयल की उपस्थिति में कटघोरा-करतला-मुंगेली-कवर्धा से खैरागढ़ होते हुए डोंगरगढ़ तक 255 किलोमीटर नई रेल लाईन बिछाने के लिए छत्तीसगढ़ रेल कार्पोरेशन द्वारा परियोजना को पूरा करने के लिए संयुक्त भागीदारी अनुबंध पत्र पर हस्ताक्षर भी किए गए। परियोजना के लिए तैयार विस्तृत कार्य रिपोर्ट के अनुसार इसकी लागत पांच हजार 950 करोड़ रूपये अनुमानित है।

 

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