खुद की जमानत की पैरवी में बोले अमित “हाईकोर्ट के आदेश को थाने में दे रहे चुनौती”

जाति और जन्म प्रमाण पत्र के लिए समीरा ने किया था एफआईआर

बिलासपुर। पूर्व विधायक और छत्तीसगढ़ के पहले मुख्यमंत्री अजीत जोगी के बेटे अमित जोगी को धोखाधड़ी के आरोप में उनके घर से गिरफ्तार किया गया है। उन पर अपने जन्मस्थान के बारे में अपने चुनावी हलफनामे पर झूठ बोलने का आरोप लगाया गया है। 42 वर्षीय अमित जोगी को बिलासपुर में उनके घर से गिरफ्तार किया गया था। उनकी गिरफ्तारी भाजपा नेता समीरा पैकरा की शिकायत के आधार पर की गई है। जिन्होंने 2013 में छत्तीसगढ़ के मरवाही विधानसभा सीट से उनके खिलाफ चुनाव लड़ा था और वो चुनाव हार गई थी।

                पैकरा ने उच्च न्यायालय में इस मामलें में इसके खिलाफ याचिका लगाई थी। पैकरा ने अमित जोगी पर आरोप लगाया कि जोगी ने उनकी जाति और जन्म तिथि के बारे में झूठ बोला था। पिछले हफ्ते, अदालत ने याचिका को यह कहते हुए रद्द कर दिया कि विधानसभा का कार्यकाल समाप्त हो गया था। भाजपा नेता ने फिर पुलिस में जाकर एक नई शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने आरोप लगाया कि जोगी ने 1978 में अपने वर्ष और जन्म स्थान को छत्तीसगढ़ के सर्बेहेरा गौरेला गांव के रूप में घोषित किया था, जब वास्तव में उनका जन्म 1977 में टेक्सास में हुआ था।
इधर गिरफ्तारी के बाद अब अमित जोगी को अदालत में पेश किया गया है। वरिष्ठ पुलिस अधिकारी संजय कुमार ध्रुव ने कहा, “अमित जोगी को 420 के एक मामलें के तहत दर्ज़ अपराध में गिरफ्तार किया गया है, उन्हें कुछ ही देर में अदालत के समक्ष पेश किया जाएगा और अदालत के आदेशों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। उन पर अपने जन्मस्थान के बारे में अपने चुनावी हलफनामे में गलत जानकारी देने का आरोप लगाया गया है।”

खुद कर रहे है पैरवी
अमित जोगी अपनी गिरफ्तारी में अदालत में खुद ही पैरवी कर रहे है। उन्होंने कोर्ट में ये दलील दी है कि ये पूरी कार्यवाही दुर्भावनापूर्ण है। अमित ने भी कहा कि राजनीतिक इशारों से ये गिरफ्तारी और कार्रवाई की गयी है, चूंकि आज मुझे दंतेवाड़ा उपचुनाव में अपने प्रत्याशी के साथ उनका नामांकन भरना था। उन्होंने कहा कि यह भारत का पहला मामला है जिसमें हाईकोर्ट से फैसला आने के बाद उस फैसले को थाने में चुनौती दी जा रही है। मेरे खिलाफ राजनीतिक द्वेषवश ऐसा किया गया है। मुझे आज दंतेवाड़ा में जाकर चुनाव प्रचार करना था। हमारी पार्टी का प्रत्याशी वहां से खड़ा है, उसे प्रभावित करने के लिए मुझे आज गिरफ्तार किया गया है। मैंने इस मामले में अग्रिम जमानत इसलिए नहीं ली, क्योंकि मुझे न्यायपालिका पर भरोसा है। हाईकोर्ट से प्राप्त फैसले को थाने में चुनौती देना पूरी तरह असंवैधानिक है।