रमन की हालत खिसयानी बिल्ली जैसी : मरकाम

कहा, भ्रष्ट नीतियों के कारण ही भाजपा सत्ता से बाहर

राजनांदगांव। प्रदेश के निकायों में आशातीत सफलता से उत्साहित कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष मोहन मरकाम ने पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह के अप्रत्यक्ष प्रणाली से महापौर चुनने की प्रक्रिया को भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने के आरोपों के जवाब में कहा कि 15 साल से भ्रष्ट सरकार के मुखिया रहे पूर्व मुख्यमंत्री ही हालत खिसयानी बिल्ली खंभा नोंचे जैसी रह गई है। मरकाम का दावा है कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने राज्य के अंतिम व्यक्ति को लोकतंत्र में और अधिकार संपन्न बनाने के लिए ही यह नीति को क्रियान्वित किया।

नगरीय निकाय चुनाव में आए नतीजों से कांग्रेस की स्थिति और प्रदेश सरकार के एक साल के कामकाज पर वे कहते हैं कि नगरीय निकाय चुनाव में प्रदेश की जनता ने प्रदेश सरकार के कामकाज को पंसद करते कांग्रेस के प्रति निष्ठा जाहिर की हैं। प्रदेश सरकार की योजनाओं को सराहा गया। राजनांदगांव के अलावा प्रदेश के सभी 10 निगमों के कांग्रेस की सरकार होगी।

पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह द्वारा चुनाव के अप्रत्यक्ष प्रणाली को भ्रष्टाचार का बढ़ावा देने की एक असली वजह बताने के बयान पर मरकाम कहते हैं कि 15 साल जिस भ्रष्ट सरकार के रमन सिंह मुख्यमंत्री रहे, आज उनकी हालत खिसयानी बिल्ली खंभा नोचे जैसे हो गई। उनकी भ्रष्ट नीतियों ने ही भाजपा को सत्ता से बाहर किया। उनके आरोप राजनीति से प्रेरित है।

शहरी सत्ता की जंग में भाजपा के पिछड़ने के सवाल पर उनका कहना था कि भाजपा हमेशा शहरी मतदाताओं को अपना मजबूत वोटरों के रूप में देखती थी। इस चुनाव में यह मिथ्या टूट गई है। शहरों में कांग्रेस का जनाधार बढ़ा है। प्रदेशभर में अच्छी तादाद में कांग्रेस के पार्षद चुनकर आए हैं। भाजपा की कारगुजारियों से उन्हें नुकसान हुआ है।

प्रदेश में कहीं-कहीं निर्दलियों ने कांग्रेस को उलझा दिया है, इस हालात को वे किस रुप में देखते है का जवाब देते कहा कि किसी भी राजनीतिक दल के सामने यह चुनौती रहती है कि वह किसी एक को ही अधिकृत उम्मीदवार बनाए। इस चुनाव में भी वार्डों में 10 से अधिक दावेदार थे। जिन्हें टिकट नहीं मिली उन्होंने भी चुनाव लड़ा। उन्हें भी सफलता मिली। हम यह देखेंगे कि पार्टी लाइन में कैसे इस स्थिति को सम्हाला जा सके।

पंचायत चुनाव की तैयारियों और सफलता के सवाल पर कहते हैं कि मतदाता कारूख शहरी मतदाताएं की तरह है, त्रिस्तरीय पंचायत में कांग्रेस की जीत तय है। शहरी मतदाताओं की तरह कांग्रेस के पक्ष में ग्रामीण मतदाताओं का रूझान दिख रहा है। हम निश्चित तौर पर जिला पंचायत में भी अपना कब्जा करेंगे।

धान और बोनस को लेकर सरकार के खिलाफ दिख रहे किसानों के रूख और जीत की  संभावना पर उनका जवाब था कि धान खरीदी और बोनस के लिए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने स्पष्ट तौर पर कहा है कि फरवरी माह तक खरीदी होगी और रही बात बोनस की तो 2500 रुपए प्रति क्विंटल धान के एवज में भुगतान के लिए सरकार संकल्पित है। इसमें किसी भी तरह की अड़चनें नहीं हैं।

हाल ही में राज्य में हुए विश्व आदिवासी नृत्य समारोह आयोजन की महत्ता पर वे कहते हैं- भाजपा ने देश तोड़ने का काम किया है और कांग्रेस ने इस समारोह के जरिए आदिवासी अस्मिता को अक्षुण्य बनाने का काम किया है। हम छत्तीसगढ़ की संस्कृति को धरोहर के रूप में देखते हैं। अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश की ख्याति बढ़ी है और राष्ट्रीय स्तर पर छत्तीसगढ़ सरकार ने अनेकता में एकता का संदेश को मजबूती दी है।

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