सूपेबेडा की समस्या को राजकीय आपदा घोषित करे सरकार- भूपेश

रायपुर। प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष भूपेश बघेल ने सूपेबेडा से लौटने के बाद सरकार पर तगड़ा हमला बोला है। बघेल ने सूपेबेडा की भयावह स्तिथी को देखते इस समस्या को राजकीय समस्या घोषित करने की मांग रखी है। भूपेश ने कांग्रेस भवन में पत्रकारों से चर्चा में कि सूपेबेडा में साल 2005 से पिने पानी को लेकर समस्या है, जिसकी वजह से वहां किडनी से जुडी बीमारिया अपना विकाराल रूप धरती जा रही है, बीतें दस सालों में वहां डेढ़ सौ से ज़्यादा मौतें हो चुकी है।
बघेल ने बताया कि वहां के लगभग हर घर में एक न एक विधवा है और पिछले पांच वर्षों से वहां लड़कों की शादी रुकी हुई है क्योंकि वहां कोई लड़की ही नहीं देना चाहता। राज्य सरकार मौत के आंकड़े छिपा रही है। ग्रामीणों से चर्चा के बाद हमें ये बात मालुम हुई कि आज दिनांक में भी वहा कम से कम दो सौ किडनी रोग के मरीज़ हैं, ये वे लोग हैं जिनकी जांच हो चुकी है। जिनकी जांच नहीं हुई है, उनमें भी कई इसके शिकार हो सकते है। बघेल ने बताया कि गांव के लोग बताते हैं कि सुपेबेड़ा के अलावा निदितगुड़ा, सेंदमुड़ा, परेवापाली, मोटरापारा, सागौनबाड़ी, खम्हारगुड़ा, खोक्सरा, बिरलीगुड़ा और झिरिपानी जैसे एक दर्जन गावों में भी किडनी की समस्याएं सामने आई हैं और वहां भी कई लोगों की मौतें हो चुकी हैं। बावजूद इसके सरकार कोई ठोस काम अब तक वहां नहीं कर पाई है। बघेल ने सूपेबेडा की इस भयावह स्तिथि को ध्यान में रखकर सरकार इसे राजकीय आपदा घोषित करे। साथ ही सरकार वहां के स्थानीय निवासियों को इससे निजात दिलाने ठोस काम करें।

पिने लायक नहीं है पानी
बघेल ने बताया कि सुपेबेड़ा समेत दर्ज़नभर गाँव में पिने लायक पानी ही नहीं है। कुछ एक गाँव में जल शोधन संयंत्र लगाए गए हैं लेकिन ग्रामीण उसके पानी को लेकर भी आश्वस्त नहीं हैं। वही सूपेबेडा सरकार ने कोई दो किलोमीटर दूर एक बोर करवाया है जिसका पानी पाइप के ज़रिए गांव में आता है। गांव वाले यह नहीं जानते कि वह पानी भी प्रदूषण से मुक्त है या नहीं। उन्होंने कहा कि पानी की जो वैकल्पिक व्यवस्था की गई है, वह भी अनियमित है। कभी सोलर पंप नहीं चलता तो कभी कोई और परेशानी रहती है।

पानी पीकर दिखाए रमन
बघेल ने मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह पर तंज़ कसते हुए कहा कि विकास यात्रा पर जनता का करोड़ों रुपया खर्च करने वाले रमन सिंह को एक बार सुपेबेड़ा आकर ज़रूर देखना चाहिए। भूपेश ने कहा कि वे जगह जगह पानी पीकर विकास दिखा रहे हैं तो एक बार वे ग्रामीणों के समक्ष वहां नल का पानी भी पीकर दिखाएं जिसे पीने की सलाह उनकी सरकार ग्रामीणों को दे रही है। रमन सिंह और उनकी सरकार पिछले 13 वर्षों से आंखें मूंदे बैठी रही. वह अब तक हुई 170 मौतों के लिए सीधे ज़िम्मेदार है।

संबंधित पोस्ट

सोनिया-राहुल की मौजूदगी में लांच हुई “राजीव गांधी किसान न्याय योजना”

सफर में मिले दर्द को भूलकर सरकारों की तारीफ करते नहीं थक रहे मजदूर

भूपेश सरकार ने की खर्च में कटौती, 70 फीसदी ही खर्च होगा विभागीय बजट

अजीत जोगी को कार्डियक अरेस्ट, बेटे अमित ने की प्रार्थना की अपील…

डाॅ. भीमराव अम्बेडकर की जयंती, राष्ट्रपति और पीएम ने दी श्रद्धांजलि

CM कमलनाथ बोले- केंद्र और राज्य के बीच टकराव के कई मुद्दे

“मलेरिया मुक्त बस्तर” अभियान का सीएम भूपेश ने किया आग़ाज़

Breaking News : भूपेश कैबिनेट की सोनिया-राहुल से मुलाकात, सौपा रिपोर्ट कार्ड

सीएम भूपेश ने केन्द्र सरकार से मांगी खनिज राॅयल्टी, लिखा पत्र…

NIA को बैन कराने सुप्रीम कोर्ट पहुंची भूपेश सरकार

11 वें मुख्यमंत्री की ली हेमंत सोरेन ने शपथ

बिलासपुर ननिः संध्या की वापसी, कांग्रेस पूर्ण बहुमत में