नए चेहरों से पार होगी राजनैतिक दलों की चुनावी वैतरणी

रायपुर। देश की सबसे बड़ी राजनैतिक पार्टी बन चुकी भाजपा और कांग्रेस नए चेहरों पर दांव लगा कर अपनी चुनावी वैतरणी पार करने में जुटी है। भाजपा अपने चुनावी रणनीति के तहत बीते चुनाव की तरह इस बार भी जहां ने चेहरों को मौका देगी, वहीं मॉस से कैडर बेस पार्टी बनाने में जुटे प्रदेश प्रभारी पीएल पुनिया और प्रदेश अध्यक्ष भूपेश बघेल की मंशानुरूप पार्टी इस बार 30 फीसदी ने चेहरों के साथ चुनावी मैदान में उतरेगी।

संभवतः पार्टी इस बार कई सिटिंग एमएलए की टिकिट काट कर भी नए चेहरों पर दांव लगाएगी। दरअसल प्रदेश में अब चुनावों में कांग्रेस और भाजपा दोनों ही राजनैतिक पार्टियों के दिग्गज नेताओं समेत औसतन दो दर्जन सीटों पर इन्हें हार का सामना करना पड़ा है। लिहाज़ा भाजपा और कांग्रेस दोनों ही दल अपने चुनावी मैदान में नए खिलाड़ियों के साथ उतरने की तैयारियां कर रही है। भाजपा की तरफ से इस बात का एलान मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह ने कर दिया है। उन्होंने साफ़ किया कि भाजपा की तरफ से 30 फीसदी सीटों पर ने प्रत्याशी उतारे जाएंगे। वही कांग्रेस में राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी की मंशानुरूप युवाओं को तरज़ीह देने के आलावा उन नेताओं के टिकट पर तलवार लटक रही है जो पार्टी के सर्वे में फिट नहीं बैठ रहे है।

37 में 24 सीटों पर की थी जीत दर्ज़
भारतीय जनता पार्टी ने साल 2013 में 37 नए चेहरों को चुनाव मैदान में उतारा था, जिसमें से 24 ने जीत दर्ज की थी। नए चेहरों के साथ पार्टी को तीसरी बार सत्तारूढ़ होने में सफलता मिली थी और अब फिर इस बार भी वह अन्य रणनीति के अलावा नए चेहरों को मैदान में उतारने के सफल फॉर्मूले को दोहराना चाहती है।

कांग्रेस ने लगाया था 36 सीटों पर दांव
कांग्रेस के लिए पिछले चुनाव में नए चेहरों को मौका देना भाजपा के मुकाबले ज्यादा कारगर नहीं रहा था। पार्टी ने 36 सीटों पर नए चेहरों को मौका दिया था जिसमें 17 को ही सफलता मिली थी। कांग्रेस का उसके 27 मौजूदा विधायकों की हार से सत्ता में वापसी का सपना टूट गया था। उसे बस्तर एवं सरगुजा में भाजपा के गढ़ में तो सफलता मिली, पर मैदानी इलाकों में जहां 2 चुनावों में उसका प्रदर्शन बेहतर रहा था़ वहां पुराने विधायकों से नाराजगी उसे भारी पड़ गई थी।

जोगी आप ने बिगाड़ा समीकरण
कांग्रेस और भाजपा में टिकट से वंचित होने वालों के लिए जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) भी विकल्प है। राज्य में जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जोगी) भी दम लगा रही है। कांग्रेस के 3 मौजूदा विधायक जनता कांग्रेस का दामन थाम चुके हैं। कांग्रेस एवं भाजपा के कुछ पूर्व विधायक भी पार्टी में शामिल हुए हैं। जाहिर है कि पार्टी के अधिकांश उम्मीदवार नए चेहरे होंगे। वहीं बसपा एवं आम आदमी पार्टी (आप) भी चुनावी तैयारी में जुटी है। इन दोनों पार्टियों के भी अधिकांश उम्मीदवार नए चेहरे होंगे।