झीरम कांड : लखमा बोले पूर्व सीएम और गृहमंत्री का हो नार्कोटेस्ट

लखमा ने डॉ शिवनारायण द्विवेदी के बयान पर भी किया पलटवार

 

रायपुर। झीरम हमले के प्रत्यक्षदर्शी और तत्कालीन कांग्रेस नेता और वर्तमान में भाजपा सदस्य शिवनारायण द्विवेदी वर्तमान आबकारी मंत्री पर नक्सलियों से साठगांठ के गंभीर आरोप लगाए है। द्विवेदी ने झीरम हमले को सुपारी किलिंग कहते हुए कहा है कि इस पुरे मामलें में वर्तमान सरकार के मंत्री कवासी लखमा की भूमिका की जांच होनी चाहिए। इधर द्विवेदी के न्यायिक जाँच आयोग के समक्ष दिए इस बयान के बाद से सूबे की सियासत में खलबली मची हुई है। द्विवेदी के बयान का जवाब देते हुए मंत्री लखमा ने सीधे नार्कोटेस्ट करने की बात कहीं है।

कवासी लखमा                              आबकारी मंत्री कवासी लखमा ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि इस घटना की यदि जांच करनी है, तो नार्कोटेस्ट कांग्रेस और बीजेपी सभी नेताओं का कराना चाहिए। जिसमें पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह और पूर्व गृह मंत्री का भी टेस्ट होना जरूरी है। इसके साथ ही लखमा ने गुप्तचर विभाग के पूर्व डीजी के साथ-साथ बस्तर में तैनात तत्कालीन पुलिस अधिकारीयों के भी नार्कोटेस्ट के बात कही है। उन्होंने कहा कि नार्कोटेस्ट से सब कुछ दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा। कवासी लखमा ने झीरम घाटी में हुए हमले को राजनीतिक करार देते हुए कहा कि 2013 में हुए अब तक के सबसे बड़े झीरम घाटी हमले को राजनीतिक हत्या करार दिया है।

डीजीपी से मिलने पहुंचे शिवनारायण
इधर आज शाम नेता डॉ शिवनारायण द्विवेदी पहुंचे पुलिस महानिदेशक से मिलने डीएम अवस्थी से मिलने पहुंचे है। उन्होंने डीजीपी डीएम अवस्थी को भी एक लिखित आवेदन सौप कर आबकारी मंत्री कवासी लखमा से खुद की जान को खतरा बताया है और डीजीपी से सुरक्षा की मांग की है। शिवनारायण ने कल ही झीरम आयोग के सामने कवासी लखमा के नार्कोटेस्ट की मांग की थी।

कल दर्ज़ कराया था बयान
कांग्रेस की परिवर्तन यात्रा के दौरान बस्तर की झीरम घाटी में 25 मई 2013 को नक्सलियों ने भीषण हमला किया था, जिसमें कांग्रेस के तत्कालीन प्रदेश अध्यक्ष नंदकुमार पटेल, महेन्द्र कर्मा, विद्याचरण शुक्ल, उदय मुदलियार सहित 30 नेताओं की हत्या कर दी गई थी। इसकी न्यायिक जांच जस्टिस प्रशांत कुमार मिश्रा के एक सदस्यीय आयोग में चल रही है। गुरुवार को आयोग के समक्ष झीरम घाटी हमले में घायल हुए शिवनारायण द्विवेदी, कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेष नितिन त्रिवेदी और भिलाई के महापौर, विधायक देवेन्द्र यादव का बयान दर्ज कराया था।