Exclusive ” किसानी ” से जुड़ा हो सकता है जोगी कांग्रेस का चुनाव चिन्ह

रायपुर। जनता कांग्रेस जोगी सुप्रीमों अजीत जोगी अब दिल्ली से पार्टी का चुनाव चिन्ह लेकर ही लौटेंगे। 6 जुलाई को उन्हें भारत निर्वाचन आयोग का बुलावा भी मिल चूका है, लिहाज़ा जोगी आयोग के अधिकारियों से मिलकर पार्टी का चुनाव चिन्ह लेकर 7 जुलाई को लौटेंगे। गौरतलब है कि जोगी ने इसके पहले नारियल का चुनाव चिन्ह आयोग से माँगा था, जिसे आयोग ने पहले ही गोवा की एक क्षेत्रीय पार्टी ” गोवा फारवर्ड ” को आबंटित करने का हवाला देकर उनकी मांग को खारिज कर दिया था। अब जोगी की तरफ से पार्टी के लिए किसानों से जुड़े हुए चुनाव चिन्ह की मांग की गई हैं। जिनमें ट्रैक्टर, हल, धान की बाली, किसान की खेती करते हुए सिम्बॉल जैसे आधा दर्जन चुनाव चिन्ह पार्टी की तरफ से आयोग को सौपा गया था। जिसमे अंतिम मुहर 6 जुलाई की मींटिंग में लग सकती है। पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता संजीव अग्रवाल ने बताया कि पार्टी अध्यक्ष माननीय जोगी जी अब 6 जुलाई में दिल्ली में चुनाव आयोग में होनी वाली बैठक के बाद लौटेंगे। जिसमे पार्टी का चुनाव चिन्ह आयोग की ओर से आबंटित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि जोगी ने पार्टी के कोर कमेटी के सदस्यों को भी इसके लिए दिल्ली बुलाया है। सूत्र बताते है कि पार्टी सुप्रीमों अजीत जोगी ने ये सभी चुनाव चिन्ह किसानों की बहुलता को देखते हुए माँगा था, साथ ही वे लगातार किसानों के मुद्दे को प्रभावी तरीके से जोगी लगातार उठा भी रहे है। ऐसे में जोगी को अगर किसानों से जुड़ा चुनाव चिन्ह मिलता है तो निश्चित तौर में चुनाव के दौरान जोगी इसे भुनाने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ेंगे।

नहीं मिल पाया था नरियल
अपनी नई पार्टी का एलान करने के साथ ही अजीत जोगी ने चुनाव आयोग में चुनाव चिन्हय के लिए अर्ज़ी दे दी थी। अर्ज़ी लगाने से पहले जोगी ने पार्टी कार्यकर्ताओं और जनता से सीधे तौर पर चुनाव चिन्ह को लेकर राय मशवरा किया था, जिसमे सबसे ज़्यादा लोगो ने नारियल को लेकर सहमति प्रदान की थी।

गुलाबी रंग से हो रह था प्रचार
जोगी कांग्रेस अब तक अभी गुलाबी रंग और पार्टी के लोगो के साथ के साथ प्रचार कर रही थी। बीते 3 सालों में गुलाबी रंग पार्टी की विशेष पहचान बन गई है। इसलिए पार्टी का झंडा और गमछा भी गुलाबी रंग का ही रखा गया है। अब चुनाव चिन्ह फाइनल हो जाने के बाद भी जोगी पार्टी गुलाबी रंग के साथ ही प्रचार-प्रसार करेगी।