मप्र : चुनाव में अजब रंग, कोई घुटने के बल तो किसी की किचन में दस्तक

मध्यप्रदेश में विधानसभा के 28 क्षेत्रों में उप-चुनाव होना है

संदीप पौराणिक , भोपाल | मध्य प्रदेश के उप-चुनाव में अजब रंग देखने को मिल रहे हैं और लोकतंत्र की असली ताकत मतदाता की अहमियत को राजनेता भी समझ रहे हैं। यही कारण है कि मतदाताओं को लुभाने के लिए नेता और उम्मीदवार तरह-तरह के जतन करने में लगे हैं। कोई घुटनों के बल है तो कोई किचन में ही पहुंच गया।

मध्यप्रदेश में विधानसभा के 28 क्षेत्रों में उप-चुनाव होना है और यह चुनाव भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस दोनों के लिए काफी अहम है। इसकी वजह भी है, अगर कांग्रेस बड़ी सफलता हासिल करती है तो सत्ता में वापसी के आसार हैं तो दूसरी ओर भाजपा को सत्ता में बने रहने के लिए दहाई अंक से कम सीटों की दरकार है।

राज्य में मतदान तीन नवंबर को होना है और चुनावी पारा ऊंचाई पर पहुंच गया है। तमाम राजनेता और उम्मीदवार मतदाताओं को लुभाने में लगे हैं। बीते कुछ दिनों में अजब और गजब की तस्वीरें सामने आई हैं। ग्वालियर में तो भाजपा उम्मीदवार प्रद्युम्न सिंह तोमर मतदाताओं के पैर पड़ते नजर आए तो मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चैहान ने घुटनों के बल बैठ कर मतदाताओं का अभिवादन किया। करेरा में भाजपा उम्मीदवार जसवंत जाटव साष्टांग मतदाताओं के सामने दंडवत करते दिखे तो सांवेर में तुलसीराम सिलावट भी मतदाताओं के आगे नतमस्तक नजर आए। इसके अलावा सागर के सुरखी विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस उम्मीदवार पारुल साहू मतदाताओं के किचन तक पहुंच गई और रसोई में खाना बनाने में मदद करने लगी।

मुख्यमंत्री चौहान के घुटनों के बल मतदाताओं का अभिवादन करने पर पूर्व मुख्यमंत्री कमल नाथ ने तंज सकते हुए कहा, अपनी सत्ता लोलुपता के लिये सौदेबाजी से जनादेश का अपमान कर राजनीति को कलंकित न करे, जनहित उसके लिये सदैव सर्वोपरि हो तो जनता उसे हमेशा सिर आंखो पर बैठाती है, अपने सिर का ताज बनाती है, उसको घुटने टेकने की कभी जरूरत ही नहीं पड़ती है।

वहीं मुख्यमंत्री शिवराज िंसह चौहान का कहना है कि, जनता भगवान है, अहंकार कांग्रेस को मुबारक हो, मैं तो दिल से राजनीति करता हूं, दिमाग से नहीं। मुझे लगा कि मुझे जनता का धन्यवाद अदा करना चाहिए, तो शीश झुकाकर प्रणाम किया अपनी जनता को। एक नहीं लाख बार करूंगा। जनता ही हमारी भगवान है, उसकी सेवा ही भगवान की पूजा है। कोई अहंकारी मुख्यमंत्री थोड़े हैं हम। एक बार नहीं लाखों बार जनता केा शीश झुकाता हूं और झुकाता रहूंगा।

राज्य के उप-चुनाव के दौरान आ रही अजब गजब की तस्वीरों ने हर किसी का ध्यान अपनी ओर खींचा हैं। राजनीतिक विश्लेषक साजी थॉमस का कहना है कि चुनाव जीतना राजनीतिक दलों और उम्मीदवारों का मकसद होता है, इसके लिए वे तरह-तरह के तौर तरीके अपनाते हैं, ताकि मतदाता को रिझा सकें। ऐसा करने से वास्तविक मुददों की चर्चा कम होती है। वर्तमान के उप-चुनाव में भी ऐसा ही हो रहा है, हर उम्मीदवार व राजनीतिक दल की कोशिश मतदाता के करीब पहुंचने की है और इसीलिए अजब-गजब तौर तरीके अपनाए जा रहे हैं।

(आईएएनएस)