पत्थलगड़ी का नहीं, विरोध कानून हाथ में लेने वालो का है- डॉ रमन

रायपुर। प्रदेश की सयासत में भूचाल लाने वाले पत्थलगड़ी को लेकर मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह ने आज सरकार का रुख साफ़ किया है। मुख्यमंत्री ने ये स्पष्ट किया कि उन्हें किसी भी धर्म समाज की परंपरा और रीती रिवाज़ों से कोई गुरेज़ नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि परम्पराओं की आड़ लेकर कानून से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ऐसे लोगो पर रमन ने कार्यवाही करने की बात भी कही है। इधर पत्थलगड़ी को लेकर आरएसएस प्रमुख द्वारा रिपोर्ट तलब किए जाने को लेकर भी मुखिया ने कहा कि मोहन भागवत हर समाज के लोगों के साथ सामंजस्य और सद्भावना बढ़ाने छत्तीसगढ़ आ रहे है।

 

2022 की नीति निर्माण पर चर्चा
नीति आयोग की बैठक से लौटने के बाद डॉ रमन ने बताय कि बैठक में 2022 की नीति निर्माण पर चर्चा हुई है, प्रधानमंत्री ने दंतेवाड़ा और जशपुर मॉडल की तारीफ की है, साथ ही दूसरे राज्यों को उससे प्रेरणा लेने को कहा है। इसके अलावा कुपोषण का स्तर जिस तरह छत्तीसगढ़ में कम हुआ है,उसको लेकर भी छत्तीसगढ़ की तारीफ हुई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य और केंद्र सरकार सहकारी संघवाद की दृष्टि से कैसे मिलकर काम करे, कार्ययोजना का क्रियान्वयन करे और इसमे राज्य की भूमिका, हमारी भूमिका कितनी महत्वपूर्ण है छत्तीसगढ़ की भूमिका ओर इस दिशा में इसके विकास की कल्पना को साकार करने के लिए, कुछ कामों के बारे में प्रस्तुतिकरण दिया गया। खास कर के प्रधानमंत्री ने डीएमएफ़ के कार्ययोजना की प्रशंसा की और दूसरे राज्यों को भी अनुसरण करने को कहा।