खतरे में भाजपा के मंत्री-विधायकों की सीट, संघ के सर्वे में आधा दर्जन मंत्री फेल

रायपुर। भाजपा के चौथी पारी की बिसात में जुटे राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के आंतरिक सर्वे में एक बड़ा खुलासा हुआ है। संघ के सर्वे मुताबिक तक़रीबन आधा दर्जन मंत्रियों का परफॉर्मेंस बेहद खराब है। लिहाज़ा संघ की तरफ़ से इनकी टिकट काटने की अनुशंसा की जा सकती है। सूत्रों की मानें तो पार्टी के केवल मंत्री ही नहीं, बल्कि दो दर्जन से ज़्यादा विधायकों के खिलाफ भी माहौल है। ऐसे में उन्हें चुनाव लड़ाना या चुनावी कमान सौपना भी भाजपा के लिए नुक्सान देह हो सकता है। खबर है कि संघ इन सीटों पर युवाओं को तरज़ीह दे सकती है। हालाँकि इस रिपोर्ट पर भाजपा के दिग्गज नेता कुछ भी कहने से बच रहे है।
गौरतलब है कि साल 2013 के विधानसभा चुनाव में गृह मंत्री ननकीराम कंवर, पंचायत मंत्री रामविचार नेताम, कृषि मंत्री चंद्रशेखर साहू, सिंचाई मंत्री हेमचंद यादव और महिला बाल विकास मंत्री लता उसेंडी चुनाव हार गए थे। वहीं पिछले बार बीजेपी ने 18 विधायकों के टिकिट काटी थी, लेकिन किसी मंत्री को ड्रॉप नहीं किया था। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह द्वारा दिए गए मिशन 65 प्लस के टास्क में इस बार कटौती ज़्यादा होने के आसार है। इस बार कम से कम तीन मंत्रियों के साथ दो दर्ज़न विधायकों को ड्रॉप किया जा सकता है।

सर्वे से मची खलबली
इधर संघ के सर्वे रिपोर्ट्स का खुलासा होने के बाद पार्टी में खलबली मची हुई है। सूत्रों की मानें तो सर्वे में चार मंत्रियों की जित सुनिश्चित बताई जा रही है, जिनमें बृजमोहन अग्रवाल, अमर अग्रवाल, अजय चंद्राकर और पुन्नूलाल मोहले के नाम हैं। ऐसे में बचे हुए आठ मंत्रियों की बीच खलबली मची हुई है। साथ ही पार्टी के विधायकों की भी हालत खस्ता हो रही है। कुछ विधायक संगठन की तरफ तो कुछ संघ की तरफ हाज़री लगाते नज़र आ रहे है।