जब नेशनल कॉन्फ्रेंस ने भूपेश बघेल को ‘भूपेंद्र’ और उत्तराखंड का मुख्यमंत्री तक कहा

नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर के नेशनल कॉन्फ्रेंस से उस समय एक बड़ी गलती हो गई जब उसने छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को गलती से ‘भूपेंद्र’ कहा और इतना ही नहीं, उन्हें उत्तराखंड का मुख्यमंत्री तक कह डाला। इस बयान को नेशनल कॉन्फ्रेंस नेता उमर अब्दुल्ला ने भी समर्थन दिया हालांकि बाद में गलती का एहसास हुआ और सुधार किया गया।

नेशनल कॉन्फ्रेंस के बयान में कहा गया, “पार्टी ने 20.07.2020 को उत्तराखंड के सीएम भूपेंद्र बघेल द्वारा दिए गए हालिया साक्षात्कार पर ध्यान दिया है और कड़ी आपत्ति व्यक्त की है, जिसमें श्रीमान बघेल ने दुर्भावनापूर्ण रूप से सुझाव दिया है कि हमारे अध्यक्ष उमर अब्दुल्ला को निरोधात्मक हिरासत से रिहा करना एक तरह से सचिन पायलट या राजस्थान में मौजूदा राजनीतिक हालात से संबंधित है।”

हालांकि अब इस बयान में सुधार कर लिया गया है।

यह बयान सिर्फ पार्टी के आधिकारिक ट्विटर हैंडल से ट्वीट नहीं किया गया था, बल्कि उमर अब्दुल्ला ने भी इसका समर्थन करते हुए कहा, “मैं इस दुर्भावनापूर्ण और झूठे आरोप से तंग आ गया हूं कि सचिन पायलट जो कर रहे हैं वह किसी तरह मेरे और मेरे पिता की हिरासत से रिहाई से जुड़ा है। बस अब बहुत हुआ। भूपेश बघेल को मेरे वकीलों का सामना करना होगा।”हालांकि, गलती का एहसास होने के बाद, अब्दुल्ला और नेशनल कॉन्फ्रेंस दोनों ने अपनी टिप्पणियों को हटा दिया और एक नया बयान पोस्ट किया।

बता दें कि छत्तीसगढ़ के सीएम भूपेश बघेल ने अंग्रेजी वेबसाइट द हिन्दू से बातचीत के दौरान कहा था कि वे राजस्थान के घटनाक्रम का बारीकी से अध्ययन तो नहीं कर रहे हैं लेकिन ये हैरानी की बात है कि उमर अब्दुल्ला को रिहा क्यो किया गया? भूपेश बघेल ने कहा कि उन्हें और महबूबा मुफ्ती को एक ही धाराओं के तहत हिरासत में लिया गया था. जबकि महबूबा मुफ्ती अभी भी जेल में हैं, उमर अब्दुल्ला बाहर आ गए हैं, क्या ऐसा इसलिए है क्योंकि उमर अबदुल्ला और सचिन पायलट के बीच रिश्तेदारी है।

(आईएएनएस)