अचानक अमीर हुए “भगवान” पर भी आयकर की नज़र


रायपुर। पढ़ने और सुनने में भले ज़रा अजीब लग रहा हो मगर ये सच है कि अचानक अमीर हुए भगवान पर भी आयकर की नज़र है। आयकर से जुड़े सूत्रों कि माने तो विभाग बीते साल से मंदिर, मस्जिद, गुुरुद्वारे, चर्च सहित सभी प्रकार के ट्रस्ट व सामाजिक संस्थाएं पर पैनी निगरानी बनाए हुए हैं। अफसरों से मिले संकेतों के मुताबिक विभाग बीतें दिनों में अचानक ही मालामाल हुए भगवान के द्वार पर नोटिस की पेशगी कर सकता है। दरअसल आयकर के नियमानुसार दस हजार से ज्यादा का नकद दान धार्मिक संस्थाएं नहीं ले सकतीं। ऐसे में विभाग उन मंदिरों के ट्रस्ट समितियों के लेज़र और बैलेशशीट खंगाल रही है, जिनमें 10 हज़ाएर रूपए से ज़्यादा की रकम नकद ली गई है। सूत्रों की मानें तो विभाग ने छत्तीसगढ़ के कई प्रसिद्ध मंदिरों में मिले दान की लिस्ट भी तलब की है। जिन मंदिरों में 10 हज़ार रूपए से ज़्यादा की रकम नकद दान में ली गई होगी उनके ट्रस्ट समितियों से आयकर जवाब तलब कर सकता है।

बड़े ट्रांजेक्शन वाले भी रडार पर
बीतें 31 मार्च को आयकर विभाग ने छह साल पहले के रिटर्न में गड़बड़ी मिलने पर 15 हजार लोगों को नोटिस दिया है। उनमें से आधे लोग ऐसे हैं जिन्होंने डेढ़ साल पहले नोटबंदी के दौरान अचानक जबर्दस्त ट्रांजेक्शन किया। यानी नोटबंदी के दौरान धनवान हुए लोगों और उन्हें धनवान बनाने वाले लोगों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि जिन्हें नोटिस दिया गया है, वे लोग 30 दिनों के अंदर फिर से रिटर्न फाइल नहीं करेंगे तो उन्हें पेनाल्टी के साथ सजा भी हो सकती है।

नहीं मिला हिसाब तो लगेगी पैनाल्टी
मिली जानकारी के मुताबिक 31 मार्च को जिन लोगों को नोटिस दिया गया है, उनमे ऐसे कई लोग हैं जिन्होंने अपने सेविंग अकाउंट में 10 लाख से ज्यादा जमा किए या करंट अकाउंट से 50 लाख तक निकाले। ऐसे लोगों का हिसाब आयकर ने मांगा है। प्रॉपर्टी बेचने और खरीदने में कितना मुनाफा कमाया इसका भी हिसाब रखना चाहिए, अन्यथा पेनाल्टी लगेगी।