इस कैंप में गुडमार्निंग नहीं, सु-प्रभातम कहते है…जाने क्या है खास….


रायपुर । राजधानी में एक ऐसा कैंप चल रहा है जहां सीखने पहुचने वाले गुडमार्निंग की बजाए सु-प्रभातम कहते है। दरअसल महामाया मंदिर रायपुर में संस्कृतभारती छत्तीसगढ़ के सौजन्य से संस्कृत के संरक्षण और संस्कृत को बोलचाल में लाने 12 दिवसीय आवासीय संस्कृत प्रशिक्षण शिविर आयोजित है, जिसमें जशपुर-सरगुजा सहित पूरे छत्तीसगढ़ से 250 से अधिक प्रशिक्षणार्थी संस्कृत बोलना सिख रहे हैं। प्रतिदिन सुबह 5.00 बजे से योग-ध्यान के बाद रात्रि 10.00 बजे तक अनवरत यह प्रशिक्षण चल रहा है, जिसमें हमारे दैनिक उपयोगी वस्तुओं को संस्कृत में बोलना, आपस मे संस्कृत में बातचीत करना, संस्कृत में गीत, श्लोक पाठन, संस्कृत में ही खेलकूद, नाटक अभिनय, चुटकुला के साथ संस्कृत में अंताक्षरी सिखाया जा रहा है। खाने पीने की सामग्री, सब्जी, राशन, साज श्रृंगार, इलेक्ट्रॉनिक समान, फूल, फल, वाहन सभी को संस्कृत में बोलकर और उसका संस्कृत उच्चारण किस प्रकार करना है ये सभी इस प्रशिक्षण में सिखाया जा रहा है। संस्कृतभारती 12 दिन में धारा प्रवाह संस्कृत में बोलना सीखा देती है। सभी के रहने भोजन चाय आदि की व्यवस्था संस्कृतभारती द्वारा वहीं महामाया मंदिर सत्संग भवन में ही किया गया है। महामाया मंदिर ट्रस्ट समिति द्वारा निःशुल्क भवन उपलब्ध कराया गया है और मंदिर समिति के अध्यक्ष आनंद शर्मा, सचिव ललित तिवारी, व्यवस्थापक दुर्गाप्रसाद पाठक, कोषाध्यक्ष कृष्णा रेड्डी वरिष्ठ सदस्य बंशीलाल जी शर्मा तथा व्यसनारायण तिवारी सहित सभी सदस्यों का सहयोग मिल रहा है। मंदिर के पंडित मनोज शुक्ला, गोपाल पांडे, भावेश शुक्ला, शैलेंद्र शर्मा कर्मचारी सहित नगर के अनेक गणमान्य व्यक्तियों का सहयोग मिल रहा है।

देशभर से पहुंचे शिक्षक
इस शिविर में शिक्षा देने के लिए छत्तीसगढ़ के अलावा वाराणसी और श्रृंगेरी मठ बैंगलोर से भी संस्कृतभारती के कार्यकर्ता शिक्षक आये हुवे हैं। संस्कृतभारती के अध्यक्ष प्रो. मुकुंद हमबर्डे, प्रान्तमंत्री राकेश वर्मा, शशी वर्मा, खगेश्वर, पारस, आकांक्षा विश्वकर्मा राजनाँदगाँव से, सहमंत्री डॉ. दादुभाई त्रिपाठी, शिक्षण प्रमुख डॉ. लक्ष्मीकांत पण्डा रायपुर से, वर्गप्रमुख डॉ. राजकुमार तिवारी बिलासपुर से, प्रचार प्रमुख गोपेश तिवारी एवं पंडित चंद्रभूषण शुक्ला, शीतला मरावी, डालमान्या एवं भोजन व्यवस्था प्रमुख राजेश भगत सरगुजा से 150 शिक्षार्थियों के साथ आये हैं, संगठन मंत्री हेमंत साहू, अनुशासन प्रमुख दुर्गेश तिवारी भाटापारा से, गुणसागर प्रधान, पार्वती आर्य व प्रफुल्ल त्रिपाठी महासमुंद से , कबीरधाम से रामनारायण विश्वकर्मा, हेमंत तथा वाराणसी से 5 शिक्षक सहयोगी रोशन शास्त्री, चूड़ामणि पांडेय, हेमंत दुबे, रविकांत पांडेय, पवन दुबे एवं श्रृंगेरी मठ बैंगलोर से प्रसिधर जी संस्कृत प्रशिक्षण शिविर में शामिल होकर सबको संस्कृत बोलना सिखा रहे हैं। उक्त शिविर में करीब 150 युवतियां महिलाएं और शिक्षकर्मी शिक्षक भी संस्कृत सीख रहे हैं ताकि बच्चों को पढ़ाने में सुविधा हो सके।