नेचर और खूबसूरती से लबरेज़ होगा प्रदेश का पहला “ऑक्सी रीडिंग ज़ोन”


रायपुर। युवाओं के लिए एनआईटी और सेन्ट्रल लाइब्रेरी के बीच बन रहा विश्वस्तरीय ऑक्सी रीडिंग जोन मई महीने में बन कर तैयार हो जाएगा। अपनी तरह के यूनिक इस ऑक्सीज़ोन में युवा ठण्डी हवा के साथ खुले आसमान के नीचे पढाई कर सकेंगे। ऑक्सी रीडिंग ज़ोन में चल रहे काम क़ाज़ों का कलेक्टर ओ.पी. चौधरी और नगर निगम आयुक्त रजत बंसल ने जायजा लिया। रीडिंग टॉवर की छत में हेगिंग लाईट और आवश्यक फर्नीचर लगाया जा रहा है। उन्होने कैम्पस में पेड़ो के नीचे बनाए गए गजिबो, केनोपी और परगोलास में पर्याप्त रोशनी करने के निर्देश दिए है।
गौरतलब है कि चौबीसो घण्टे संचालित होने वाले ऑक्सी रीडिंग जोन में युवाओं को सिविल सेवा सहित राष्ट्रीय स्तर की विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए ज़रूरी सुविधा मुहैय्या कराई जाएगी। रीडिंग टावर की दीवालों में हीट रजिस्टेंस ग्लास और थर्मल इंसुलेशन युक्त छत का निर्माण किया जा रहा है।

बना रहे ई-लाइब्रेरी
ऑक्सी जोन में ई-लाइब्रेरी, वाईफाई जोन और मल्टीमीडिया क्लास रूम भी बनाए जा रहे है। पूरे कैम्पस में सुरक्षा के लिए सीसीटीव्ही कैमरें और पीएस सिस्टम लगाया जा रहा है। रीडिंग टावर के बाहर चारो तरफ पीपल, कदम, अमलतास, कचनार, नीम सहित विभिन्न प्रजातियों के पौधे लगाए गए है। उसके साथ ही युवा पानी के समीप पढाई कर सके, उसकी भी व्यवस्था ऑक्सी रीडिंग जोन में की गई है। ऑक्सी रीडिंग जोन में युवाओं को पढ़ने के लिए सालभर वातानुकूलित माहौल उपलब्ध होगा वही खुले आसमान के नीचे प्रकृति के सानिध्य में भी पढाई कर सकेंगे।