नौकरी लगाने वाले ठग गिरफ़्तार, फूटी कौड़ी बरामद नहीं कर पाई पुलिस


रायपुर। सरकारी नौकरी लगाने के नाम ठगी करने वाले दो शातिरों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। हालांकि इस गिरफ्तारी के बाद भी पुलिस को अभी इन शातिरों से ठगी की रकम वसूलने काफी मशक्क्त करनी पड़ेगी। आदिम जाति कल्याण विभाग में नौकरी लगाने के नाम पर दौलत राम वर्मा और हेमलाल साहू ने साल 2016 में चार लोगो से 21 लाख रूपए वसूल किए थे।
मिली जानकारी के मुताबिक़ आदिम जाति कल्याण विभाग में हॉस्टल अधीक्षक, डाटा इंट्री ऑपरेटर और भृत्य जैसे कई पदों पर भर्ती विज्ञापन जारी किया था। तब इन दोनों आरोपियों ने मोवा निवासी शैल वर्मा को मंत्रालय में उच्च अधिकारियों से जान पहचान का हवाला देते हुए अपने झांसे में ले लिया। शैल से दोनों शातिरों ने किसी भी विभाग में नौकरी दिलाने तगड़ी सेटिंग और हाईप्रोफाइल रिलेशन की बात कही। आरोपीयों के झांसे में आकर शैल वर्मा ने अपने परिवार के सदस्य पुष्पेन्द्र वर्मा, मुरली वर्मा, महेश वर्मा, रोशन वर्मा एवं प्रदीप वर्मा से प्रति व्यक्ति सवा 4 लाख रुपए के हिसाब से सवा 21 लाख रुपए दौलत और हेमलाल को सौप दिए। भर्ती परीक्षा के बाद जब रिजल्ट ज़ारी हुए तो इन चारों के नाम लिस्ट से नदारद थे। जिसके बाद चारों पीड़ित पक्ष ने पैसे वापस करने की मांग की, मग़र आरोपी उन्हें घुमाते रहे। जिसके बाद पीड़ित ने टिकरापारा थाना में आरोपियों के खिलाफ शिकायत दर्ज करा दी थी।

नहीं मिली फूटी कौड़ी
मामलें में पुलिस ने भले ही दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, मग़र इन दोनों आरोपियों से पुलिस ठगी की रकम से एक रूपए भी बरामद नहीं कर पाई है। हालाँकि पुलिस के उच्चाधिकारियों की मानें तो एक टीम उनसे रिकवरी के लिए लगी हुई है। ऐसे में पीड़ितों को अपनी रकम वापसी के लिए कुछ महीने और इंतज़ार करना होगा।