चार दिनों का हो सकता है मानसून सत्र, देर शाम ज़ारी हो सकती है अधिसुचना


रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा का मानसून सत्र जुलाई महीने की दो तारीख से शुरू हो सकता है। संभवतः आज देर शाम तक इसकी अधिसूचना भी ज़ारी कर दी जाएगी। चुनावी साल के लिहाज़ 2 जुलाई से 6 जुलाई तक विधानसभा का मानसून सत्र रखा जा सकता। समय से पहले सत्र आहूत करने पीछे दो बड़ी वज़ह मानी जा रही है। जिसमें पहली वज़ह इसी साल चुनाव होना है और दूसरी सबसे अहम वजह मुख्यमंत्री की विकास यात्रा का पार्ट-2 की शुरुवात। गौरतलब है कि विधान सभा में बजट सत्र के दौरान विधानसभा का मानसून सत्र अगस्त महीने में आहूत होना था, मगर विकास यात्रा और चुनावी साल की वजह से सत्र को महीने भर पहले ही आहूत किया जा रहा है।
इधर विपक्ष महज़ 4 दिन के मानसून सत्र में सरकार की तगड़ी घेराबंदी की तैयारी में है। कांग्रेस विधायकदल के उपनेता कवासी लाखमा ने देश टीवी को बताया कि इन चार दिनों में सरकार के खिलाफ चरणबद्ध तरीके से घेराबंदी की जाएगी। चूँकि चुनावी वर्ष में सत्र की ये अंतिम बैठकें होंगी इस लिहाज़ से कांग्रेस पूरी ताकत झोकेंगी, और सरकार की जनविरोधी नीतियों को सदन के मार्फत जनता तक पहुंचाने का काम करेंगे। लखमा ने कहा कि इस सरकार में किसान मर रहे है, महिलाएं सुरक्षित नहीं है, युवाओ के हाथों को काम नहीं, भ्र्ष्टाचार के आकंठ सरकार डूबी है। इनके आलावा दर्जनभर से ज़्यादा मुद्दों पर हम सरकार को सदन के भीतर घेरने की तैयारी में है।

जवाब देने की तैयारी में सरकार
अपने तीसरी पारी के चार दिन के आखरी विधानसभा सत्र में सरकार कांग्रेस के सवालों का करारा जवाब देने की तैयारी में है। अधिसूचना ज़ारी होने से पहले ही मंत्री और अफसर अपने कामकाजों का लेखा जोखा बनाने में लगे हुए है। सरकार की तरफ से सदन के भीतर इस बार आधा दर्जन से ज़्यादा मंत्री विपक्ष के हमलों का माकूल जवाब देने तैनात किए जा सकते है।