छत्तीसगढ़ में दूसरे चरण में 71 फीसदी हुआ मतदान

दूसरे चरण के मतदान में बुजुर्गो ने दिखाया जोश

रायपुर | छत्तीसगढ़ में दूसरे चरण के अंतर्गत 3 लोकसभा सीट पर मतदान हुआ। जिसमें राजनांदगांव, महासमुंद और कांकेर क्षेत्र में शाम 5 बजे तक औसत 71.09 % मतदान हुआ है।

loksabha chunav 2019                             दूसरे चरण के मतदान के बाद मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी सुब्रत साहू ने बताया कि इन तीनों क्षेत्र में शांतिपूर्ण ढंग से मतदान संपन्न हुआ। राजनांदगांव,महासमुंद और कांकेर में कुल 36 अभ्यर्थियों ने निर्वाचन में भाग लिया। राजनांदगांव लोकसभा क्षेत्र में आठ विधानसभा में 71.76 प्रतिशत,महासमुंद में 8 विधानसभा में 68.23 प्रतिशत और कांकेर में 8 विधानसभा में सबसे अधिक 72.37 प्रतिशत वोट डाले गए। इन तीनो क्षेत्र में कुल मतदान केंद्रों की संख्या 6484 थी। जिसमें कुल मतदाताओं की संख्या 49,07,489 है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 में हुए लोकसभा चुनाव में इन तीनों क्षेत्र में ही मतदान का प्रतिशत 73.02 फीसदी थी। हालांकि मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने कहा कि अभी तक पूरे मतदान दल की वापसी नहीं हुई है इसलिए इन तीनों क्षेत्र के मतदान प्रतिशत में इजाफा भी हो सकता है।


बढ़ सकता है मतदान का प्रतिशत
इन क्षेत्रों में संवेदनशील और अतिसंवेदनशील क्षेत्र में दोपहर 3 बजे तक ही वोट डाला गया। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने बताया कि राजनंदगांव, महासमुंद और कांकेर का मतदान संभावना के अनुरूप ही रहा। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने कहा कि अभी जानकारी के मुताबिक 71.09 प्रतिशत मतदान होने की जानकारी मिली है। यह प्रतिशत और भी बढ़ सकता है क्योंकि अभी तक 100 से अधिक मतदान दलों की वापसी नहीं हुई है।

ड्रोन से हुई निगरानी
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी सुब्रत साहू के अनुसार प्रदेश में हुए दूसरे चरण के मतदान में किसी भी अप्रिय घटना का समाचार नहीं मिला है और पहले चरण की तरह दूसरे चरण में भी संवेदनशील और अतिसंवेदनशील क्षेत्रों में ड्रोन के द्वारा निगरानी की गई थी।

105 वर्ष की दाई रामकुमार बाई ने किया मतदान
मतदाताओं में काफी जागरुकता भी दिखाई दी। कबीरधाम जिले में 105 वर्षीय बुजुर्ग महिला मतदाता दाई रामकुमार बाई ने लोकतंत्र को मजबूत बनाने के लिए मतदान किया। राजनांदगांव विधानसभा के अंतर्गत 90 वर्षीय सोनू कुमारी निषाद में अपने मत का प्रयोग किया। साथी महासमुंद कांकेर डोंगरगांव में ही दूल्हा दुल्हन नेे शादी के पहले लोकतंत्र के पर्व में खुद की सहभागिता दीखाई।