Bank Strike : बैंकों के विलय के ख़िलाफ़ 26 सितंबर से दो दिन की हड़ताल

विलय के साथ कार्यालयीन समय बढ़ाने का भी यूनियन कर रहा विरोध

रायपुर। सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के अधिकारियों की चार यूनियनों ने 26 सितंबर से दो दिन की हड़ताल पर जाने की चेतावनी दी है। ये हड़ताल केंद्रीय वित्त मंत्री द्वारा बैंकों के घोषित हुए विलय के विरोध में बुलाई गई है। इंडियन बैंक्स एसोसिएशन को दिए एक नोटिस में अधिकारियों की यूनियनों ने कहा कि वे बैंकिंग क्षेत्र में विलय और समामेलन के विरोध में हड़ताल पर जाने वाले है।

बैंकों की हड़ताल                   केंद्र सरकार ने 30 अगस्त को सार्वजनिक क्षेत्र के 10 बड़े बैंकों को चार बैंको में विलय करने की घोषणा की थी। यूनियन नेताओं ने यह भी कहा कि मांगे इस सांकेतिक हड़ताल से भी नहीं मानी गई तो राष्ट्रीयकृत बैंक में काम कर रहे कर्मचारी अधिकारी भी अपनी मांगों को उठाने के लिए नवंबर के दूसरे सप्ताह से अनिश्चितकालीन हड़ताल करेंगे। ऑल इंडिया बैंक ऑफिसर्स कन्फेडरेशन (AIBOC), ऑल इंडिया बैंक ऑफिसर्स एसोसिएशन (AIBOA), इंडियन नेशनल बैंक ऑफिसर्स कांग्रेस (INBOC), नेशनल ऑर्गनाइजेशन ऑफ बैंक ऑफिसर्स (NOBO) ने संयुक्त रूप से हड़ताल पर जाने की बात कही है।

                      विलय के आलावा यूनियन ने नकद लेनदेन के घंटों को कम करने और काम के घंटे को विनियमित करने के लिए पांच-दिवसीय सप्ताह शुरू करने की मांग भी रखी हैं। उन्होंने बाहरी एजेंसियों द्वारा मौजूदा प्रक्रिया में अनुचित हस्तक्षेप को रोकने, सेवानिवृत्त होने से संबंधित मुद्दों का निपटारा करने, पर्याप्त भर्ती, एनपीएस के परिमार्जन, उपभोक्ताओं के लिए सेवा शुल्क में कमी जैसी मांग भी रखी है।


AIBOC (चंडीगढ़) के महासचिव, दीप कुमार शर्मा ने कहा देश भर के राष्ट्रीयकृत बैंक 25 सितंबर की मध्यरात्रि से 27 सितंबर की मध्यरात्रि तक हड़ताल करेंगे और केंद्र सरकार द्वारा बैंकिंग क्षेत्र में विलय और समामेलन का विरोध करेंगे और कर्मचारियों की अन्य मांग भी हड़ताल के ज़रिए उठाई जाएंगी।
उन्होंने कहा कि नवंबर के दूसरे सप्ताह से यूनियन अनिश्चितकालीन हड़ताल करेगी। बैंकिंग क्षेत्र में सबसे बड़े विलय में 30 अगस्त को सरकार ने PSB के चार प्रमुख विलय की घोषणा की, 2017 में उनकी कुल संख्या को 12 से नीचे लाते हुए, राज्य के स्वामित्व वाले बैंको को वैश्विक आकार के बैंकों में विलय का ऐलान किया है।