देशभर में बैंकों की हड़ताल से करोड़ों का नुकसान, नकदी की क़िल्लत

5 दिनों तक हड़ताल और छुट्टी की वज़ह से बंद रहेंगे बैंक

रायपुर। देश भर के बैंक कर्मचारियों ने अपनी 10 सूत्री मांगों को लेकर हड़ताल शुरू कर दी है। इस हड़ताल से देशभर में जहां नकदी के लेनदेन में दिक्कत हो रही है। वहीं बैंकिंग में होने वाले कामकाज भी आज से अगले 5 दिनों तक प्रभावित रहेंगे।

बैंकों की हड़ताल

बैंक कर्मचारियों ने देना बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा और विजया बैंक के विलय होने के विरोध में हड़ताल की है। इसके साथ ही 10 सूत्री मांगों के साथ यह हड़ताल पूरे देश भर में की जा रही है। छत्तीसगढ़ में भी 15000 से ज्यादा बैंक कर्मचारी और अधिकारी इन मांगों को लेकर लामबंद हो चुके हैं। अकेले राजधानी रायपुर की बात की जाए तो इस हड़ताल से तकरीबन 20 से 25 करोड़ रुपए का नुकसान आने वाले 5 दिनों में होने की संभावना जताई जा रही है। 21 और 26 दिसंबर को बैंक कर्मचारी हड़ताल में है। इसके साथ ही बैंकों में 22 और 23 तारीख को शनिवार और रविवार होने की वजह से छुट्टी रहेगी। वहीं 25 तारीख को क्रिसमस की छुट्टी भी बैंकों को मिलेगी। हालाकि केवल 24 तारीख का दिन सोमवार होने की वजह से बैंक खुलेंगे।

ये है हड़ताल की जड़
ऑल इंडिया बैंक ऑफिसर्स कंफेडरेशन के सहायक महासचिव सजय दास ने कहा – हमने 2017 के मई में प्रस्तुत मांग-पत्र के आधार पर 11वीं द्विपक्षीय वेतन संशोधन वार्ता के लिए, पूर्ण और बिना शर्त आदेश पत्र जारी करने की मांग रखी थी। जिस पर अब तक कोई जवाब नहीं मिला। इसके साथ ही हमारी अन्य मांगों को लेकर हमने आज 21 दिसंबर को हड़ताल की है। दास ने बताया कि वेतन संशोधन पर चर्चा शुरू होने के 19 महीनों बाद भी अबतक कोई प्रगति नहीं हुई है। जिसका आक्रोश आज देशभर में हड़ताल के रूप में फूटा है।

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