क़ुरान, रामायण, समेत आठ ग्रंथो की अजीत जोगी ने खाई कसम

भाजपा को सामर्थान नहीं देने अजीत जोगी ने खाई कसम

रायपुर। प्रदेश की राजनीती में धार्मिक पैतरों से जनता का विश्वास जितने की जैसे होड़ सी लग गई है। महज़ कुछ दिन पहले कांग्रेस ने गंगाजल हाथों में लेकर कसम खाई थी। जिसके बाद अब अजीत जोगी ने हर धर्म ग्रंथो को सामने रखकर कसम खाई है। जोगी ने ये कसम भाजपा को समर्थन नहीं देने के लिए खाई है। जोगी ने कहा कि पिछले कुछ दिनों से एक प्रयोजित खबर कुछ लोगों के द्वारा फैलाई जा रही है। इसमें कहा गया है कि मैंने कहा है कि अस्वास्थ होने पर हमारी पार्टी भाजपा के साथ गठबंधन करेंगी। 8 ग्रथ में हाथ रखकर मैं ये कसम खाता हूं कि चाहे मुझे सूली पर चढ़ा दें, मैं मृत्यु पसंद करूँगा लेकिन भाजपा के साथ समर्थन में नहीं आऊंगा।

जोगी ने कहा कि मैं बार बार कहता हूं कि हमारा गठबंधन प्रदेश में बहुत मजबूत है। हमारा गठबंधन अपनी ताकत में सरकार बनाने में मजबूत है। हम भाजपा के साथ कभी भी गठबंधन में सरकार नहीं बनाने वाले। जोगी ने भाजपा के समर्थन वाले अफ़वाह पर कहा कि ये एक प्रयोजित षडयंत्र है। जिसे जनता के बीच भ्रम फैलाने के लिए कहा जा रहा है। राजनाथ के बयान पर अजीत जोगी ने कहा कि राजनाथ सिंह और मेरे पारिवारिक रूप से परिचित है। मैं इनके निर्णय या किसी के निर्णय से मैं भाजपा में प्रवेश नहीं कर सकता।

विपक्ष में बैठूंगा पर गठबंधन नहीं

अजीत जोगी ने कहा कि हम विपक्ष में बैठना पसंद करेंगे, लेकिन हम भाजपा के साथ गठबंधन नहीं करेंगे। हर रोज़ लगभग कई लोग कितने चैनल मेरे से बात करते है। मैं सपने में भी नहीं सोच सकता हूँ, कि मैं भाजपा के साथ गठबंधन करू। उन्होंने कहा कि न कांग्रेस न बेजेपी हम अपने दम पर सरकार बना रहे है। हम और बसपा कम्युनिष्ट मिल कर हम सरकार बना रहे है।